आज ‘चाइनीज कंपनी भारत छोड़ो दिवस’
कल ही भारत चीन व्यापार के नए आंकड़े (डाटा) आया है। जिसके अनुसार जनवरी से जुलाई तक के कालखंड में चीन से भारत को होने वाले आयात में 24.7% की बड़ी गिरावट आई है।

किंतु मजे की बात यह है कि इसी अवधि में भारत से चीन को 11.2% के निर्यात की वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर आपसी व्यापार में 18.4% की कमी आई है।
अभी 10 दिन पहले ही चीन और वियतनाम से आने वाले टीवी सेट पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इससे भारत को 5000 करोड रुपए का फायदा होगा।

यही नहीं दवाइयों के मामले में भी भारत ने कड़ा रुख अपना लिया है। क्योंकि हमारी दवाइयों का कच्चा माल (एपीआई-Active Pharmaceutical Ingredient) 70% तक चीन से आता है। भारत ने चीन पर इस निर्भरता को खत्म करने का फैसला कर लिया है और अब फिर से भारत में ही यह एपीआई बनने लगेंगे। ध्यान रहे,भारत मे दुनिया की कुल जेनेरिक दवाइयां के उत्पादन में 20% हिस्सा है। हमें विश्व की दवा फैक्टरी कहा जाने लगा है।

स्वदेशी जागरण मंच द्वारा गत 7-8 वर्षों से चल रही मुहिम रंग ला रही है।
आज 9 अगस्त (अगस्त क्रांति दिवस-1942 है) जिस दिन ‘अंग्रेजों-भारत छोड़ो’ का आंदोलन शुरू हुआ था। उसी तर्ज पर मंच की तरफ से ‘चाइनीज कंपनी भारत छोड़ो’ का देश भर में जबरदस्त प्रचार हो रहा है। भारत स्वदेशी स्वावलंबन की ओर बढ रहा है।