Image may contain: 4 people, people smiling

अखबार में उक्त गांव की खबर

आज सवेरे जब कश्मीरी लाल जी व मैं सैर करके लौटे तो आते ही अखबार के पन्ने पलटने लगे।
तभी अचानक मेरी नजर दैनिक भास्कर की एक खबर पर पड़ी,तो सोचा कि क्यों न अपनी चिट्ठी के पाठकों को भी बताऊं?
केरल की पंचायत कांझीकुंजी के 8000 से ज्यादा परिवार अब तक नारियल की खेती करते थे,जिसमें अब काम रह ही नहीं गया था। इससे गुरबत की दशा से चल रहे थे।
कुछ वर्ष पूर्व पंचायत प्रमुख एनजी राजू ने लोगों को कहा “आजकल ऑर्गेनिक खेती का जमाना आ रहा है।यदि हम सब ऑर्गेनिक खेती करें तो अपने छोटे-छोटे खेत में से भी कमाई कर सकते हैं।”
पहले तो लोगों ने विश्वास नहीं किया। किंतु आग्रह और मजबूरी दोनों के कारण से जब उन्होंने किया तो आज उस गांव से ही 160 करोड़ों रुपए की आरगेनिक सब्जियां हर वर्ष शहर में जाती हैं। यानी हर परिवार ₹200000 वार्षिक घर बैठे, कमाने लग गया है।
वहीं के दिव्या और ज्योतिष शादी के बाद जिनका मन बिल्कुल नहीं था,ऑर्गेनिक खेती या सब्जी उगाने में।किंतु कहने पर जब उन्होंने शुरू किया तो आज यह पति-पत्नी उस राज्य के सर्वश्रेष्ठ किसान बने हैं।और एक एकड़ खेत से ही सर्वाधिक मासिक कमाई कर रहे हैं।
भारत दुनिया में सर्वाधिक ऑर्गेनिक खेती वाला देश है । हमारी कृषि भूमि दुनिया में सर्वाधिक है ही।यदि इस पर तेजी से आगे बढ़े,तो ग्रामीण भारत की दशा बदलते देर नहीं लगेगी।
जमाना बदल रहा है,हम भी बदलें…भारत को आगे बढ़ाने के लिए बदलें!