Image may contain: 1 person, standing, tree and outdoor

Image may contain: 1 person

दो मास पहले हम दक्षिण भारत जा रहे थे तो रास्ते में एक स्टेशन पर भैंस की प्रतिमा बनी थी, तब मैंने यह फोटो ले लिया कश्मीरी लाल जी का। और लखनऊ में उस बालक मिंटू के साथ।

मैं नैमिषारण्य विचार वर्ग के लिए लखनऊ स्टेशन पर उतरा। जो कार्यकर्ता लेने के लिए आया मैंने उसको कहा “कहीं गाड़ी रोककर चाय पिला दो!”
जैसे ही उसने गाड़ी रोकी और चाय लेने के लिए गया मेरी तरफ एक लड़का आया और बोला “बाबूजी चप्पल पॉलिश करा लो सिर्फ ₹10 में”
वैसे तो मैं चप्पल पालिश करवाता नहीं पर उसे देखकर मुझे लगा कि करवा लेना चाहिए। लेकिन यह कार्यकर्ता कहने लगा “सर!आप देखो यह तो कोई चोर लफंगा लगता है?” मैंने उस कार्यकर्ता को डांटा और उस लड़के से पूछा “तेरा नाम क्या है?” “मिंटू!”
“कब से पालिश कर रहे हो?” “2 साल से” उसका उत्तर था। जब उसने मेरी चमड़े की चप्पल पालिश करके दी तो मैंने देखा कि ठीक से नहीं की थी। मैंने उसको कहा “यह तूने पालिश अच्छे ढंग से तो नहीं की। इसको ऐसा,ऐसा करो।थोड़ा कपड़ा मारो। शाबाश!
वह मेरी तरफ देखने लगा। मैंने कहा “बहुत अच्छे ढंग से पालिश करोगे तो लोग तुम्हें 10 की बजाय 15 भी देंगे!” फिर मैंने उसको कहा “तूने बाल ऐसे खराब क्यों बनाए हैं?वह छोटा लड़का चुप था। मैंने उसको कहा “देखो!यह तुम्हारे बाल के कारण से लोग तुम्हें अच्छा नहीं समझते! अगर तुम सीधे बाल बनाओ और ठीक कपड़ा पहनो तो तुम्हारे से लोग ज्यादा बूट पालिश करवाएंगे और अच्छी बूट पॉलिश करने पर अच्छा पैसा भी देंगे!”
बाद में वह लड़का मेरी तरफ देखने लगा। मानो कह रहा हो “धन्यवाद,सतीश जी! मैं ध्यान रखूंगा!”
इतने में कार्यकर्ता ने गाड़ी चला दी मैं देर तक सोचता रहा कि कितने ही ऐसे बच्चों को प्रेम और दिशा ना मिलने के कारण से वह जिंदगी भर गुरबत में गुजार देते हैं।जो भी हो,मेरे मन को तसल्ली हुई कि मैंने एक बच्चे को तो प्रेम पूर्वक दिशा दिखाने की कोशिश की।