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क्रम से संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, महंत अवैद्यनाथ जी, अशोक जी सिंघल(विश्व हिंदू परिषद) लालकृष्ण आडवाणी व एडवोकेट जे पारसरण

राम जन्मभूमि आंदोलन के पांच #महानायक!!
1.#अशोकजीसिंघल विश्व हिंदू परिषद के पहले महामंत्री, बाद में अध्यक्ष!जिन्होंने इस विषय की नींव से लेकर शिखर तक की भूमिका बनाई।संगठन व संत शक्ति से विचार विमर्श कर सब प्रकार की आंदोलन की प्रक्रियाएं बनाईं। प्रत्यक्ष मैदान में कार सेवा के समय कूदने से लेकर केंद्र सरकार,प्रधानमंत्री तक से वार्ताओं में कुशल नेतृत्व किया।
2.#महंतअवैद्यनाथ जिन्होंने संपूर्ण संत समाज को इस मुद्दे पर एकजुट किया। अपने अखाड़े, मठ,मंदिर से बाहर निकलकर आंदोलन की भूमिका में लाने के लिए जिस महान संत ने प्रयत्न किये। वे योगी आदित्यनाथ के गुरु, गोरख पीठ के महंत अवैद्यनाथ ही रहे।
3.#लालकृष्णआडवाणी जिन्होंने 1990 में ऐतिहासिक राम रथयात्रा करके,इस संपूर्ण मुद्दे को भारतीय राजनीति में, वोट बैंक की राजनीति को खत्म करने व राष्ट्रवादी राजनीति को शुरू करने के लिए उपयोग किया। इस आंदोलन को राष्ट्रीय ही नहीं,अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विषयों के केंद्र में ला दिया।
4.#एडवोकेटपारसरण जिन्होंने 92वर्ष की आयु में भी लगातार 40 दिन तक कोर्ट में खड़े होकर ना केवल कानून के हर पेचीदा मुद्दे को अदालत के सामने रखा।बल्कि सब तरीके से कानूनी बहस इतनी शुद्धता से चलाई कि उसको मंदिर के समर्थन में निर्णय करने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा।
5.#मोहनभागवत 1983 से चले और 2019 में विजय के साथ संपन्न हुए, इस महान आंदोलन को सब प्रकार की कार्यकर्ता शक्ति, मानसिक शक्ति व प्रत्यक्ष योजनाएं बनाने से लेकर क्रियान्वयन कराने तक में जिस एक संगठन ने भूमिका निभाई वह आप सभी जानते हैं, है #राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ‘।