शहरी माओवादियों को पुलिस ले जाते हुए, व् माओवादी कैडर का पुराना चित्र!
अभी CRPF की तरफ से एक बड़ी विस्तृत रिपोर्ट आई है जिसके अनुसार भारत में नक्सलवाद,माओवाद अब खात्मे की ओर है!
इस वर्ष कुल 387 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है जिनमें से 217 केवल झारखंड और गडचिरोली एरिया के हैं!
सबको मालूम रहे कि गत 25 वर्षों से बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश यह नक्सलवाद माओवादी हिंसा से बुरी तरह से त्रसत रहे हैं! हजारों नागरिक व सुरक्षा बल उनके हाथों जान गवा चुके हैं!
यह कम्युनिस्ट पार्टी के अतिरेकी तत्व हैं!सीपीआई एम माओवाद भारत में प्रतिबंधित संगठन है!उसी के 10 बड़े लोग आजकल शहरों में प्रोफेसर या बड़े पत्रकार बने हुए थे,जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है!
यद्यपि हिरासत में हैं किंतु उनके लिंक यह प्रतिबंधित सीपीआईएम से स्पष्ट हो गए हैं!वहां पर पियारी गांव में उनके समर्थन में सीपीआईएम ने पोस्टर लगाए हैं और लोगों से अपील की है कि इन तथाकथित बुद्धिजीवियों का साथ दें यानि यह स्पष्ट हो गया है कि अब जंगलों से माओवाद खत्म होकर,शहरी क्षेत्र तक सीमित हुआ है! और वहां पर भी पुलिस का दबदबा कायम है!
47 लाख का इनामी माओवादी पहाड़ सिंह ने अपने समर्पण के दौरान कि बताया की इस समय उनके नेता अय्याश हो गए हैं,वे कैडर की परवाह नहीं करते!इसलिए केडर अपनी जान बचाकर पुलिस को समर्पण कर रहे हैं!
जो भी हो,भारत के सुरक्षाबल इस समय पर एक बड़ी विजय की ओर है और एक विदेशी विचारधारा इस समय पर भारत में समाप्ति की ओर है…