Image may contain: 3 people, people standing

गत वर्ष आज ही के दिन संघ की बैठक में कश्मीरी लाल जी,अरुण ओझा जी के साथ प्रदर्शनी देखते हुए (फेसबुक ने भेजा)

कल ही अंतरराष्ट्रीय संगठन(SIPRI) जो दुनिया भर में हथियारों के आयात निर्यात का हिसाब रखता है कि रिपोर्ट आई है।
उसके अनुसार भारत ने इस वर्ष अपने हथियार आयात में 32% की सफलतापूर्वक कमी की है। और निर्यात में 160% तक की वृद्धि की है। यह 2015 से हथियार निर्माण में भारत सरकार के मेक इन इंडिया के कारण संभव हो सका है।

भारत पहले प्रतिवर्ष 52 अरब डॉलर के आयात के साथ दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था जो अब दूसरे नंबर पर आ गया है। पहले नंबर पर सऊदी अरब हो गया है। बड़ी बात यह है कि भारत 2014 में केवल 550 करोड़ रुपए के हथियार निर्यात कर पाया था किंतु गत वर्ष 10,600 करोड़ के हथियार निर्यात किए हैं।

पहली बार भारत, निर्यातक 25 देशों की सूची में स्थान बना पाया है,यद्यपि 23वें स्थान पर ही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने लोकसभा में बताया कि अगले 3 वर्षों में 35 हजार करोड़ के रुपए के हथियार निर्यात का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल भारत का पैसा बाहर जाने से रुका है, बल्कि बड़ी मात्रा में रोजगार का निर्माण भी हुआ है… जय हो!
वैसे स्वदेशी तो मेड बाय भारत के ही विचार का पक्षधर है।

Image may contain: one or more people, text that says "Imports Down, Exports Up India is second- argest India'slargest arms exports importer arms Myanmar, followed by Sri number dipped Lanka and Mauritius 32% Pakistan completely India figures dependent on China after exporters for first time, entry number pulls support. Beijing but will rise rapidly supplies 73% of arms to Pak US no longer among arms suppliers Russia accounts for 56% imports followed France and Israel Import Export BCCL 00002"