Image may contain: 5 people, people smiling

इस सप्ताह जब बीकानेर गया तो गोष्ठी में,वाइस चांसलर प्रो:चारण जी ने अध्यक्षता की

*ब्रिटेन को माफी तो मांगनी ही पड़ेगी…
जलियांवाला बाग कांड की।
कल ब्रिटेन की संसद में वहां की प्रधानमंत्री थेरेसा मे, ने इसे ब्रिटिश इतिहास के भारतीय कालखंड का कलंकित अध्याय तो कहा किंतु माफी नहीं मांगी।
इससे पहले भी 1997 में महारानी एलिजाबेथ अमृतसर आकर जलियां वाले बाग में मौन रखकर पुष्प तो चढ़ा गईं पर माफी नहीं मांगी।
हम सबको मालूम है कि 1919 में 13 अप्रैल यानी आज से 100 साल पहले ब्रिटिश जनरल डायर ने निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों भारतीयों को गोलियों से भून डाला।
इसके रोष स्वरूप उस समय रविंद्र नाथ टैगोर ने अंग्रेजों की दी हुई नाइटहुड की उपाधि वापस लौटा दी थी।
और बाद में उधम सिंह ने जनरल ओ’डायर को जिसने इस गोली कांड की अनुमति दी थी,को लंदन में ही जाकर मार गिराया।
प्रश्न है कि आज वह पहले वाला भारत नहीं रहा। जो काम 70 सालों में नहीं हुए अब हो रहे हैं। इसलिए आज नहीं तो कल ब्रिटेन को माफी मांगनी ही होगी ।और यह होगा भी। क्योंकि अब हमने भूलना और माफ करना छोड़ दिया है।