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कल पानीपत में स्वदेशी टोली के साथ चर्चा करते हुए

आज सवेरे से ही सारे देश में रोष फैला है, क्योंकि चीन ने एक बार फिर से पाकिस्तान के प्रमुख आतंकवादी मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने से वीटो लगाकर बचा लिया है।
वास्तव में,चीन को कोई मसूद अजहर से प्रेम नहीं है।किंतु पाकिस्तान में उसकी काम कर रही 77 कंपनियां, 55 अरब डालर की सीपीईसी योजना, और भारत को पाकिस्तान में ऊलझाए रखने में अपनी बढ़ोतरी देखना यही है चीन की सोच।
जब पाकिस्तान से आतंकवादी आए, तो सेना,सरकार ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की, इस बार पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक की।इससे पाकिस्तान का तो दिमाग ठिकाने लगा है। किंतु चीन का मामला तो समाज को ही निपटाना होगा।
वैसे भी चीन से हमें प्रतिवर्ष का 56 अरब डालर का घाटा हो रहा है।जिससे हमारे उद्योग व रोजगार कठिनाई में है।
इसलिए आज बाबा रामदेव और मेघालय के राज्यपाल तथागत राय ने भी अपील की है।सारे देश को एक बार भगीरथ प्रयत्न करना होगा और सब प्रकार के चाइनीज़ सामान का बहिष्कार करना होगा। बहिष्कार स्ट्राइक से चीन को सबक मिलेगा।
कोई कह सकता है कि यह भी सरकार ही करे, नहीं! सरकार जो करे सो करे, पर समाज ही बहिष्कार कर दे,यही सबसे उत्तम उपाय है। क्यों ठीक है ना? चायनीज #बहिष्कार होगा?