आज मदुरई में कार्यकर्ताओं की बड़ी बैठक हुई जिसमें जनवरी में होने वाले सम्मेलन की सब प्रकार की तैयारियों की चर्चा हुई।वहां बहुत उत्साह भी है और सारा परिवार संगठन भी सहयोग कर रहा है!
गत कई दिनों से रिजर्व बैंक व भारत सरकार के बीच में शीर्ष स्तर पर वाक् युद्ध चल रहा है,यह सब प्रकार के मीडिया में आ रहा है।
वास्तव में देखा जाए तो यह स्वदेशी विचार वाहकों की विदेशी विचार वाहकों से शीर्ष पर चल रही जंग है।जिसमें स्वदेशी विचारको का कहना है कि हमें लघु व कुटीर उद्योगों के लिए अधिक पैसा बाजार में उतारना चाहिए और छोटे एनपीए के लिए हमें कुछ रिलैक्सेशन देनी चाहिए। क्योंकि भारत में लघु,कुटीर व मध्यम उद्योग ही 90% तक रोजगार सृजन करते हैं और मुख्यतः भारत का अर्थ चक्र चलाते हैं।
जबकि उर्जित पटेल,रिजर्व बैंक के गवर्नर वे बेसल्स घोषणा, विश्व बैंक अथवा आईएमएफ की सोच अनुसार रिजर्व बैंक की नीतियां बनाना चाहते हैं। अंततः लगता है की स्वदेशी विचारों की विजय का समय आ गया है।अतः जो अपने लोगों की सोच है वह प्रभावी होकर निकलेगी।
19 तारीख को रिजर्व बैंक के गवर्नर बोर्ड की बैठक है तब तक सबको इंतजार रहेगा।
भारत की पार्लियामेंट के ऊपर लिखा ही है सत्यमेव जयते।स्वदेशी सत्य विचार है अतः उसकी जय होना भी सुनिश्चित है।