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2 दिन पूर्व स्वतंत्रता दिवस था। देश भर में मनाया जाना सामान्य बात है। किंतु कश्मीर में भी इस बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया बड़े धूमधाम से। जम्मू कश्मीर में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना इस बार 15 अगस्त के दिन नहीं हुई।

किंतु इस दिन को प्राप्त करने के लिए 1950 से लेकर अब तक लगातार संघर्ष और बलिदान हुए हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक ने अनेक कष्ट सहे हैं, आंदोलन किए हैं। तब जाकर धारा 370 हटी है और यह दिन देखने को मिला है। उन सैकड़ों कार्यकर्ताओं और शहीदों को शत शत नमन…जय हो!

यही नहीं लद्दाख में प्योंगतसे झील के ऊपर परसों जब आईटीबीपी के जवानों ने तिरंगा फहराया और उसका वीडियो डाला तो सारे देश ही नहीं दुनिया में वह वायरल हो गया। जिस झील पर चीन अपने कब्जे की घोषणा कर रहा है वहां पर हमारे सैन्य जवानों द्वारा तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाना वास्तव में एक बड़ी संकल्प शक्ति का परिणाम है, जो सरकार ने दिखाई है। और यह तभी संभव हुआ है जब संपूर्ण देश की इच्छा शक्ति चीन के विरुद्ध डट कर खड़े होने की बन गई है।

देशभर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत ‘हमारा परिवार-स्वदेशी परिवार’ संकल्प कार्यक्रम, देश भर में मनाया गया। जय स्वदेशी- जय भारत

इसकी सबको बधाई….जय जय भारत!