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बंगलौर मे विजयवाणी समाचार पत्र के संपादक को साक्षात्कार देते कश्मीरी लाल जी व कालेज में मेरे द्वारा उदबोधन

तस्माद् उत्तिष्ठ कौंतेय..युद्धाय कृत निश्चय ~गीता
आज जब हम बेंगलुरु से वापस दिल्ली लौट रहे थे तो रास्ते में समाचार पढ़ रहे थे कि चीन ने कोरोना वायरस युद्ध लगभग जीत लिया है। उसके 81000 रोगियों में से 60 हजार से अधिक ठीक हो कर घर लौट चुके हैं। नए मरीज केवल 10 या 12 आ रहे हैं। यही कुछ बात दक्षिण कोरिया की भी है।

कश्मीरी लाल जी और मैं बातचीत करने लगे की भारत को इसमें विजय कैसे और कब तक मिलेगी? यद्यपि भारत अभी तक दुनिया में सबसे कम संक्रमित हुआ है,लेकिन इसके फैलने का भय तो है ही। इसलिए देश के हर युवा को,महिला को सामान्य व्यक्ति को उठना होगा और इस युद्ध में एक सैनिक की तरह उतरना होगा।
सबसे उत्तम तरीका तो बचाव ही है। इसलिए अपनी कॉलोनी, अपना गांव,अपना बाजार, अपना ऑफिस, कैसे सुरक्षित हो? सोचें!

हर जगह 5-7 की टोली बनाकर अपनी इकाई को सुरक्षित करने के तरीके सोचें। एक भी व्यक्ति यदि संभावना वाला है तो उसे कैसे अलग करें सोचें।
भय ना फैले बल्कि इसको एक आनंद व देशसेवा का विषय मान जागरूकता फैलाने में लगें।

योग, प्राणायाम व आयुर्वेदिक व घरेलू नुस्खे जिसमें किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट होता ही नहीं, का उपयोग कैसे अधिक से अधिक हो सोचें।
केवल टीवी पर बैठकर या मोबाइल में पढ़कर नकारात्मक चर्चा ना करें। बल्कि सक्रिय होकर इस युद्ध में उतरें… विजय सुनिश्चित है..

~सतीश कुमार(स्वदेशी जागरण मंच)