Image may contain: 4 people, people standing

जम्मू में स्वदेशी की प्रांत टोली की बैठक

गत 2 दिन मेरा जम्मू कश्मीर के प्रवास पर था। वहां स्वदेशी की प्रांत टोली की बैठक थी। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम भी था। वहां विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से मिलने के बाद मेरे ध्यान में आया कि उस विश्वविद्यालय में 135 अध्यापक 300 नॉन टीचिंग, बाकी कच्चे-पक्के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी मिलाकर कुल एक हजार के लगभग हैं।
उसके सामने ही बना मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है। जिसमें बहुत उच्च स्तर का इलाज बहुत सस्ते में होता है।उसमें भी कोई 350 डॉक्टर सहित कर्मचारी हैं।

माता वैष्णो देवी बोर्ड ने ही इन दोनों को प्रारंभ किया। संपूर्ण रियासी जिले में प्राथमिक शिक्षा व सेवा कार्यो पर काफी खर्च श्राइन बोर्ड करता है।
वैष्णो देवी पर प्रतिवर्ष एक करोड़ 5लाख श्रद्धालु आते हैं। उनके कारण से हजारों होटल वाले, उनके कर्मचारी, ऑटो-टैक्सी वाले, दुकानदार, चाय-खोमचे वाले, ये सब रोजगार पाते हैं। सरकार से अधिक रोजगार देने में माता वैष्णो देवी का योगदान है। आज जम्मू की इकॉनमी में एक बड़ा योगदान माता वैष्णो देवी व अमरनाथ यात्रा के कारण से हो रहा है। और यहां ही क्यों, देश भर में ऐसा है।
यदि हमारे मंदिर, गुरुद्वारे सेवा और शिक्षा के क्षेत्र को गोद ले लें तो देश भर की चिकित्सा व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था यह बहुत उत्तम, सस्ती वह सर्वसुलभ हो सकती है।