3 दिन पहले दिल्ली मैं कमलजीत जी के साथ(स्वदेशी जागरण फाउंडेशन) चौपाल के कार्यक्रम में गया। इसमें जरूरतमंद महिलाओं को 15 से 20000 रुपए का वार्षिक लोन देने का की व्यवस्था है।
मैंने भोलानाथ जी,जो इसका संचालन करते हैं, से पूछा ‘रिकवरी रेट कितना है?” तो उन्होंने कहा “सतीश जी!ये महिलाएं गरीब जरूर हैं पर बहुत ईमानदार हैं। और हमारी रिकवरी रेट 98% है। 8 साल से कभी कोई दिक्कत नहीं आई। हजारों महिलाएं इससे अपना घर का गुजारा अच्छे तरीके से कर लेती हैं। उन्हें 1% ब्याज पर बिना किसी लिखित पढ़त के हम देते हैं। केवल विश्वास पर, जिसे कभी उन्होंने तोड़ा नहीं।”

यह सारा सुनकर मैं सोच में पड़ गया कि क्या किसी भी प्राइवेट या सरकारी, सामान्य या बड़े बैंक या उद्योगपति तक किसी का रिकवरी रेट 98% है?
यदि यह हो जाए तो न एनपीए हो न बिजनेस फेल हों, न बेरोजगारी बड़े।

इस देश के बैंक मैनेजरों, उद्योगपतियों व बड़े-बड़े लोगों को इन महिलाओं से सीख लेनी चाहिए।
मैंने मन ही मन इन महिलाओं को प्रणाम किया और प्रार्थना की कि देश में हर लोन लेने वाले को ऐसी ही सद्बुद्धि व ईमानदारी मिले जैसी इन महिलाओं की है। ….जय स्वदेशी, जय भारत