मंच पर प्रकाश जावडेकर जी,अनिरूद्ध देशपाण्डे जी,भगवती जी,राजकुमार मितल जी,राजनेहरू जी व अन्य!
सामने श्रोतागण में कश्मीरी लालजी,IILM विश्विद्यालय के प्रमुख जिनके परिसर में आज की कान्फ्रेंस हुई व अन्य…
दिल्ली में जुटा रोजगार चिन्तन पर विद्वानों का मेला!
वास्तव में दिल्ली में आज स्वदेशी-रोजगार अभियान में एक ऐतिहासिक बड़ा कदम उठा, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह मुकुन्दाजी, अ:भा:सम्पर्क प्रमुख अनिरूद्ध देशपाण्डे जी से लेकर केन्द्रिय शिक्षामंत्री प्रकाश जावडेकर व स्किल डैवलेपमैंट मत्रीं धर्मेन्द्र प्रधान का मार्गदर्शन हुआ!
कश्मीरीलाल जी,डा:भगवती प्रकाशजी व डा:अश्वनी महाजन भी बोले तो नौकरी डाट काम के संजीव बिकचन्दानी,पोलिसी बाजार डाट काम के संजीव व जयभारत मारूति ग्रुप के निशान्त आर्य भी रोजगार वृद्धि पर अपनी सोच रख रहे थे!
कश्मीर केन्द्रिय विश्वविद्यालय के वीसी प्रो:मिराजुद्दीन मीर जब अपने कश्मीरी लाल जी को स्वागत-शाल ओढा रहे थे, तो खुसर फुसर हो रही थी कि स्वदेशी का ही कमाल है कि कश्मीरी वीसी एक प्रचारक का स्वागत कर रहा है! वैसे तो इसकी कल्पना भी कठिन है!
कैसे बढे किसान की आय, कैसे लघु कुटीर उद्योग पनपें,कैसे सारा भारत स्किल्ड हो जाए…इसी पर ही दिन भर चिन्तन करते रहे भारत के 15 से अधिक वीसी,25 से अधिक कंपनियों के सीईओ,औद्योगिक जगत की जानी मानी हस्तियां,स्वदेशी कार्यकर्ताओं सहित कोई 300 मनीषी!
मैं सोच रहा था कि स्वदेशी के प्रयत्नों से रोजगार पर एक सार्थक चर्चा किसानों से लेकर नीति निर्माताओं,मत्रिंयों तक में चल ही पड़ी है तो अब भारत की पूर्ण रोजगार की यात्रा को कौन रोक सकता है?
…और 130करोड़ बच्चो की मां-भारत माता,जिसे बकिंम चन्द्र चटर्जी ने सुजलाम सुफलाम कहा…वह जब अपनी युवाशक्ति को रोजगार युक्त कर ही देगी तो कौन गरीब रहेगा,भारत में! रहना भी नहीं चाहिए..पहले कभी यह गरीबी बेरोजगारी की बिमारी थी भी नहीं…अब हम इस बिमारी को रहने भी नहीं देगें!
कुछ ऐसा ही संकल्प लेकर देशभर से आए ये विद्वान..अपने अपने स्थान को लौटे!
इस बहुत सफल व उच्च स्तरीय कान्फ्रेन्स का आयोजन विश्वकर्मा स्किल डैवलेपमैंट विश्वविद्यालय के वीसी श्री राज नेहरू के नेतृत्व में उनकी टीम ने किया!
कार्यक्रम से लौटते समय गीत याद आ रहा था
संगठन गढे चलो,सुपंथ पर बढे चलो
भला हो जिसमें देश का वो काम सब किए चलो