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पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम व ठेंगड़ीजी की जन्म शताब्दी समारोह समिति

5 दिन पूर्व यूनाइटेड नेशन में भाषण करते हुए पाकिस्तान के जिहादी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बड़ी अजीब बात कही। उसने कहा “भारत वही कर रहा है,जो संघ कह रहा है…संघ और भारत एक हो गए हैं।”
सारी दुनिया को तो क्या समझ में आया, पता नहीं? पर भारत में और विशेषकर जो स्वयंसेवक हैं, या जो संघ को जानते हैं, वे इस बात से सुखद आश्चर्य में हैं। हमें लगा कि कल जिस पुस्तक का विमोचन हुआ है ‘The RSS-Roadmaps of 21st Century’ सुनील अंबेकर जी की लिखी और डा:मोहन भागवत जी ने जिसका विमोचन किया, ऐसा लगता है कि छपने से पहले इमरान खान ने पढ़ ली थी।

…और सुखद इसलिए भी है कि संघ तो चाहता ही यही है की भारत चरित्रवान हो जाए, भारत दुनिया का सिरमौर हो जाए, भारत गरीबी मुक्त हो जाए, भारत स्वदेशी मय हो जाए। हमारी तो हमेशा से यही इच्छा रही है सारा भारत ही संघ मय हो जाए। इसी को हम रोज प्रार्थना में बोलते हैं…परमवैभवने…”

इसी के लिए संघ प्रेरित संगठन वर्षों से प्रयासरत है। कल पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सरसंघचालक जी द्वारा भी कुछ ऐसी ही बातें उभरीं।
और संयोग से कल ही स्वदेशी जागरण मंच के प्रणेता श्री दत्तोपंत ठेंगड़ीजी की जन्म शताब्दी समारोह समिति की बैठक थी जिसकी अध्यक्ष पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा ताई महाजन हैं।