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चाईनीज बहिष्कार के पांच प्रमुख कारण

1. चीन 1962 में भारत पर हमला करने के बाद से ही गत 57 वर्षों से सीमा पर और हर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए दिक्कतें पैदा करता रहा है। चाहे वह 3 वर्ष पूर्व डोकलाम मुद्दा हो, या मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने से रोकने के लिए वीटो पॉवर का प्रयोग करना हो। उसकी सदैव यही आदत रही है।

2. इस बार कश्मीर से धारा 370 हटाने की लेकर जब पाकिस्तान ने शोर मचाया, तो दुनिया के सब देशों ने भारत का साथ दिया। लेकिन चीन ने भारत के विरोध में खड़े होकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई और पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर को अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की विफल कोशिश की।

3. चीन से हमारा व्यापार घाटा 53 अरब डॉलर (करीब 3650 अरब रुपए) वार्षिक अभी भी बना हुआ है। मतलब कि हम अपने दुश्मन देश को अरबों खरबों रुपए प्रतिवर्ष भेज रहे है।

4. सस्ती मैन्युफैक्चरिंग के कारण से, चीन प्रतिदिन 5 लाख भारतीयों का रोजगार छीन रहा है। क्योंकि हम लोग चाइना मेड माल खरीदते हैं। और अगर यही हम भारतीय वस्तुएं खरीदे तो अपने लोगो को ही रोजगार मिलेगा।

5. दक्षिण चीन सागर में वह अपनी गतिविधियां बढ़ा कर, और पाकिस्तान सहित दुनिया के अन्य देशों की तरफ से भारत की समुद्री सीमा और भू सीमा की घेराबंदी कर रहा है।

हम लोगो को अपने दुश्मन देश की वस्तुओं का, चाहे सस्ता माल हो (यद्यपि घटिया होता है) पूर्ण बहिष्कार करना होगा। हमें जानकारी होनी चाहिए कि अभी CAIT (The Confederation of All India Traders) ने चीन को सबक सिखाने के लिए चाइनीज प्रोडक्ट्स पर 500% आयात शुल्क लगाने की मांग की है। और हम स्वदेशी प्रेमी जनता को तो चाइनीज वस्तुओं के पूर्ण बहिष्कार की प्रक्रिया करनी ही चाहिए।