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“जैसा बढ़िया नेतृत्व, चीन में शी जिनपिंग और अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप भी नहीं दे पाए वह भारत में मोदी दे रहे हैं।”
यह पंक्तियां मेरी नहीं, बल्कि ‘The Print’ न्यूज़ पोर्टल की आज की हेड लाइन हैं। द प्रिंट… न्यूज़ पोर्टलों में ऐसे ही है, जैसे समाचार चैनलों में एनडीटीवी यानी अपने विचार परिवार व मोदी सरकार का घनघोर विरोधी।

किंतु कल का भाषण सुनकर और देश में आई करोना कि आपदा से निपटने के तरीकों को देख, सुनकर यह सब विरोधी भी समर्थन करने लगे हैं..शशि थरूर हो या शबाना आजमी, चिदंबरम हो या फिर केजरीवाल। ऐसा इसलिए है कि संकट की घड़ी में एकजुट होने का हमारा पुराना संस्कार है।

इसे ही महाभारत में युधिष्ठिर ने कहा था “वयम पंचाधिकम् शतम।”
जब भील लोग दुर्योधन को पकड़ कर ले गए, तो उन्हें छुड़ाने के लिए युधिष्ठिर ने अर्जुन और भीम को कहा। और जब अर्जुन,भीम ने उसे विरोधी कह एतराज किया, तो युधिष्ठिर ने कहा “हम आपस में 5 व कौरव 100 होंगे, पर शत्रु के सामने हम 105 के नाते रहने चाहिएं।

यह अच्छी बात है कि देश में इस समय पर सभी लोग एक स्वर में बोलने लगे हैं,जो कुछ बचे भी हैं, वह भी अगले दो-चार दिन में ठीक हो जाएंगे।22 को जनता कर्फ्यू जबरदस्त सफल होगा
यह हमारे देश की एकता की भावना का ही परिचायक है,तभी तो भारत हजारों वर्षों से एकजुट रहा है। जय हो….

~सतीश कुमार