पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के कुलपति(VC)प्रो राजकुमार, प्रो:अश्वनी महाजन के साथ,मंच पर स्वागत व स्वदेशी,ट्रेडवार पर सुनते रिसर्चर, विद्यार्थि व प्रोफेसर
आज चंडीगढ़ में डीग्लोबलाईजेशन पर पंजाब विश्वविद्यालय के अंबेडकर सेंटर में एक बहुत भव्य संगोष्ठी हुई।जिसमें अखिल भारतीय सह संयोजक डॉ अश्विनी महाजन,पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार व प्रोफेसर डॉक्टर देवेंद्र जी ने सहभागिता की।
विषय पर बातचीत करते हुए मुझे एक पुराना प्रसंग याद आया।मैंने प्रोफेसर राज कुमर मित्तल जो आजकल बंसीलाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं से कहा की विश्विद्यालय में एक ग्लोबलाइजेशन ठीक है या गलत,इस पर एक सेमिनार करवाओ।
उन्होंने पेपर मंगवाए तो 25 में से 25 पेपर ही ग्लोबलाइजेशन के समर्थन में आ गए।हमारी बड़ी विचित्र स्थिति हुई। खैर सेमिनार तो वो अच्छा रहा।
किंतु आज 4 साल में वैश्विक परिदृश्य कैसा स्वदेशी के हक में हो गया है कि आज यहां विश्वविद्यालय के परिसर में जब प्रोफेसर अश्वनी महाजन स्वदेशी के हित में वा डिग्लोबलाइजेशन पर बोल रहे थे तो हाल में उपस्थित 200 से अधिक विद्यार्थि,रिसर्चर तथा प्रोफेसर उनका समर्थन करते दिख रहे थे! जो प्रश्न भी पूछे ट्रेड वार या डिग्लोबलाइजेशन पर वह भी स्वदेशी विचार के अनुरूप ही थे।
भारत नहीं दुनिया में ही सत्य स्वदेशी विचार की स्वीकारोक्ति हो रही है।
इस गोष्ठी का आयोजन प्रो: मधुर एस डी कालेज के नेतृत्व में वहां की स्वदेशी टीम ने किया!
उधर लुधियाना में आज कश्मीरी लाल जी का प्रवास था! शिफाली इंटरनेशनल में उन्होंने विद्यार्थियों को स्वदेशी व रोजगार पर मार्गदर्शन दिया,जिसे वे बडे ध्यान से सुन रहे थे!