कल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक अंबाला में रोजगार एवं स्वदेशी पथ पर बोलने का अवसर था!विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्ण ढंग से स्वयं को स्वरोजगार से भविष्य को जोड़ने का निश्चय किया
कल देर रात मै टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट पढ़ रहा था!उसको पढ़ने के बाद मुझे ध्यान में आया कि कठुआ में जो कुछ तो भी हुआ उसके बाद मीडिया के एक अंग्रेजीयत दिमाग में छाए हुए वर्ग ने और उसी तरीके से मैकाले मानसिकता के प्रतिबद्ध बॉलीवुड के सितारे और देश का एक सेकुलरी पॉलिटिकल वर्ग, इसने उस घटना को हिंदुत्व से जोड़कर,राष्ट्रवादी संगठनों से जोड़कर संपूर्ण देश की बदनामी का एक बड़ा प्रकरण रच डाला!
किंतु जैसे-जैसे सत्य बाहर आता गया,सब कुछ स्पष्ट हो गया!यहां तक कि दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कोई गैंगरेप हुआ ही नहीं !लड़की की लाश भी यह मंदिर से काफी दूर शेड में मिली थी!
TOI रिपोर्ट में प्रमुख बात थी कि जो बॉलीवुड के सितारे युवाओं के जनमानस पर छाए रहते हैं लेकिन जो जबरदस्त Trolls(सोशल मीडिया में छीछालेदारी)हुई उससे सारा बॉलीवुड घबरा गया!अपने सोशल मीडिया के योद्धाओ ने इस बार कुछ ऐसे घेरा इन बद दिमागों को, कि पहली बार वे सब बैकफुट पर आते दिख रहे हैं..!
यही नहीं इस प्रकरण को मीडिया द्वारा गलत तरीके से उठाने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने 10-10 लाख रुपए प्रत्येक ऐसे चैनल पर जुर्माना भी लगाया!
अब यह सेकुलर मीडिया, बॉलीवुड गैंग और देश को बदनाम करने वाले शाहिदा व बरखा जैसे लोगों को सारे देश को अब जो जवाब देना पड़ रहा है और वह छिपते फिर रहे हैं!
इससे लगता है कि सत्य विजयी हो रहा है,अंधेरा छट रहा है…सूर्य उदय हो रहा है~ सतीश