गत रक्षाबंघन के दिन आद्या मुझे राखी बाधंते हुए! दूसरे चित्र में डा:ऋचा व उसकी 8 वर्षीय बेटी!
यह पोस्ट मेरी भतीजी डा:ऋचा जो दिल्ली, द्वारिका में रहती है व scientist है,ने लिखी है!
“फरवरी के महीने में मैं और मेरी 8 साल की बेटी आद्या शहीद भगत सिंह फिल्म देख रहे थे, उस फिल्म में जब ईस्ट इंडिया कंपनी के लोग क्रांतिकारियों पर लाठीचार्ज कर रहे थे तो आद्या को स्वभाविक रूप से बहुत गुस्सा आ रहा था।”
उसी फिल्म से प्रेरित होकर,आद्या ने जिद्द की “मुझे भी अमृतसर,जलियांवाला बाग देखने जाना है!”
और मार्च में जब हम उसे लेकर गए तो मुझे देख कर बहुत अच्छा लगा कि आद्या ने जलियांवाला बाग से थोड़ी मिट्टी ली और घर लाकर पौधों में डाल दी!
फिर जुलाई में आद्या का नौवां जन्मदिन आया! रिवाज के मुताबिक हमने घर पर बच्चों के लिए एक छोटी सी पार्टी रखी!
जितने भी बच्चे पार्टी में आए कोई ना कोई तोहफा लेकर आए! सब के जाने के बाद जब हम तोहफे खोल रहे थे तो आद्या की नजर hamley’s के लिफाफे पर पड़ी ।
Hamley’s खिलौनों का एक बहुत बड़ा स्टोर है!जो दिल्ली जैसे महानगरों में बच्चों का बेहद पसंदीदा है। लिफाफे को देखते ही आध्या बोली “मम्मी! क्या Hamleys उसी देश का है,जहां से ईस्ट इंडिया कंपनी वाले आए थे?”
मैंने बोला “पता नहीं बेटा! शायद अमेरिका का है! तुम्हें कैसे लगा कि यह वहां का है?
बोली नहीं, आप Google पर देख कर बताओ? क्योंकि लिफाफे पर जो चित्र बने हैं उन्होंने बिल्कुल वैसे ही कपड़े पहने हैं जैसे उन लोगों ने पहने थे! जिन्होंने लाला लाजपतराय को मारा था।”
मैंने जब hamley’s के बारे में जानकारी निकाली तो पता चला कि सच में वो UK का ब्रांड है लंदन का। जब यह बात मैंने अपनी बच्ची को बताई तो सबसे पहले उसने मुझसे पूछा “मम्मी हमने उनसे इतनी मुश्किल से आजादी पाई थी उन्होंने हमे इतना तंग किया तो आज भी उन्हीं के बनाए हुए खिलौने क्यों बिकते हैं,हमारे ही देश में?
मेरे पास उसके सवाल का जवाब नहीं था! मगर मन ही मन मुझे अपनी बेटी पर गर्व महसूस हो रहा था। उसी दिन उसने मुझसे कहा “मैं तो इन hamley’s के खिलौनों से नहीं खेलूंगी।”
अगर हमारे सभी बच्चे ऐसा सोचने लगे तो भारत को फिर से अखंड भारत बनने से कोई रोक नहीं पायेगा।