Image may contain: 3 people, people standing

गत रविवार को दिल्ली केंद्रीय कार्यलय में कुटुंब शाखा लगी

कल मेरी कश्मीरी लाल जी व डॉ अश्विनी महाजन जी से बात हो रही थी। बातचीत में आया कि बड़ी खबर आयी है कि चीन से 300 के लगभग कंपनियां इस समय भारत सरकार व उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अनेक राज्य सरकारों से यहां आकर अपनी इकाई स्थापित करने की बातचीत कर रही है। इससे करोना के बाद भारत के अपने उद्योग-धंधों सहित बड़ी मात्रा में उद्योग, कारोबार व रोजगार में वृद्धि होगी।
मैंने पूछा “वे यहां क्यों आ रही होंगी?”
तो तीन बातें उभरी।

एक तो कोरोना संकट से भारत, सबसे अच्छी तरह से निबट रहा है, व चीन को भी मोदी सरकार अपने यहां रोकने के लिए एफडीआई पर कानून ले आई है। इससे दुनिया में यह छवि बनी है कि भारत में एक दमदार, जिम्मेवार व हल ढूंढने वाली सरकार है!

दूसरी बात 55 देशों को दवाइयां भेजने से भारत की नैतिक छवि में भी तेज इजाफा हुआ है।
तीसरी बात उन्हें लगता है कि भारत में लोकतंत्र है इसलिए यहां चीन की तानाशाही सरकार के मुकाबले ज्यादा अच्छे ढंग से काम किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में उद्योग मंत्री व उपमुख्यमंत्री की ऐसी कंपनियों के साथ 4 दिन पहले एक बैठक भी हो चुकी है।
हां! स्वदेशी जागरण मंच ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि इन्हें एक्सपोर्ट ओरिएंटेड होने पर ही यहां अनुमति दी जाए और छोटे काम धंधों में काम करने वाली कंपनियों को ना बुलाया जाए।
गत चार-पांच महीने के अनुभव से लगता है कि भारत सरकार भी अब तेजी से स्वदेशी के अनुरूप निर्णय ले रही है। भारत का भविष्य उज्जवल है। आईएमएफ ने भी कहा है कि अगले वर्ष भारत 7.4% के साथ वृद्धि करेगा ….जय जय भारत!
~ सतीश कुमार