ब्रह्मसरोवर तट पर आरती करते हुए, डायरेक्टर एनआईटी प्रो: सतीश, वीसी आयुष विश्वविद्यालय डॉ बलदेव कुमार के साथ
कल मैं कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर के तट पर चल रहे गीता जयंती महोत्सव में पहुंचा! आरती करने के बाद हम कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यालय पर बैठे तो वहां पर एनआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर सतीश जी ने चर्चा शुरू की, कि “गीता में दुनिया भर का ज्ञान विज्ञान भरा पड़ा है!”
तब मैंने वहां बैठे कार्यकर्ताओं से पूछा “आप लोगों ने गीता पढ़ी, कितनी है?”
तो वे मुस्कुराने लग गए! अधिकांश ने नहीं पड़ी थी!
मैंने उन्हें एक प्रसंग सुनाया!
मध्यप्रदेश के सतना में एक बार मुझे गीता की प्रति भेंट करने वहां का एक गीता प्रचार मंडल आया।उन्होंने कहा “हमने संकल्प किया है की गीता की 1लाख प्रतियां बाटेंगे।”
मैंने पूछा “गीता भेंट करना तो ठीक है, पर पहले मुझे इसका पहला श्लोक सुनाओ,अंतिम श्लोक सुनाओ और आप में से कितनों ने पूरी गीता ध्यान से पड़ी है,बताओ?”
20 लोगों में से दो ने ही हाथ खड़ा किए।
तो मैंने उन्हें कहा “गीता जयंती मनाना, गीता बांटना अच्छी बात है, पर प्रमुख बात है गीता को ठीक से पढ़ना,समझना व जीवन में उतारना।”
सब कार्यकर्ताओं ने सहमति भरी व गीता पढ़ने का निश्चय किया। वैसे अपने कार्यकर्ताओं के प्रयत्न से अब गीता जयंती में कोई 25 लाख तक लोग आने लगे हैं!
जय गीता,जय भारत!