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जम्मू कश्मीर को बचाने वाले प्रथम बलिदानी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी व उस बलिदान को परिणाम में बदलने वाले अमित शाह
जम्मू कश्मीर के जिला विकास परिषद के चुनाव परिणाम रात्रि में घोषित हो गए हैं। बीजेपी ने 75 नेशनल कांफ्रेंस ने 67 कांग्रेस ने 19 व पीडीपी ने 18 पर विजय पाई।
बड़ी एक खबर और है कि कश्मीर वैली में भी भाजपा ने 3 सीटें जीती हैं।भारत की एकता समर्थक जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी ने भी 10 सीटें जीती हैं, व अनेक निर्दलीय जो 370 को हटाने के समर्थक थे वह भी घाटी में जीते हैं। वोट % तो भाजपा का सभी से बहुत आगे है ही। वैसे 15 दिन पूर्व जब जम्मू कश्मीर में प्रवास था तो इसके संकेत वहां मिल गए थे!
बाकी प्रदेशों की तरह वहां पर भाजपा का जीतना, किसी राजनीतिक दल की जीत नहीं, बल्कि 73 सालों से चल रही राष्ट्रवाद व भारत विरोधी सेक्युलर ताकतों की लड़ाई में भारत और राष्ट्रवाद के विजय की घोषणा है।
इसीलिए 1947 से ही संघ के, जम्मू-कश्मीर प्रजा परिषद के, जनसंघ-अब भाजपा के व अन्य राष्ट्रवादी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बलिदान किए हैं, कष्ट सहे हैं।
हम बचपन में जब शाखा जाते थे तो अक्सर बोलते थे
“जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है
जो कश्मीर हमारा है, वह सारे का सारा है।”
370 धारा के हटने, व आज जम्मू कश्मीर के मतदाताओं की उस पर मुहर लगने से केवल जम्मू कश्मीर के नागरिक ही नहीं सारा देश प्रसन्न है।
और आज यह चुनाव परिणाम देखकर दुनिया भर का हिंदू समाज व भारत को अपना देश, मानने वाले लोग झूम उठे होंगे। सारा देश बोल रहा है…”अब एक ही धुन जय जय भारत!”