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दिल्ली में, स्वदेशी कार्यालय में अपने वरिष्ठ प्रचारक सरोज मित्र जी के साथ नागपुर से आयोजित अर्थ एवं रोज़गार सम्मान कार्यक्रम देखते हुए, इस महिला सम्मान कार्यक्रम को माननीय भैया जी जोशी ने संबोधित किया

आजकल हर भारतीय के मन में दो-तीन बड़ी चिंताएं हैं। पहली है,कि यह कोरोना कब खत्म होगा?
दूसरी है, चीन का मामला कैसे निपटेगा?
तीसरी है व्यापार, काम धंधे और रोजगार कैसे और कब तक ठीक होंगे?
क्यों, है ना आपके दिमाग पर भी इन तीन का प्रभाव?
तो स्वदेशी की टीम ने जो विश्लेषण किया है आंकड़ों का, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि भारत में कोरोना नियंत्रण में आ रहा है। यद्यपि इस मामले में भविष्यवाणी करना कठिन ही होता है तो भी गत 5 दिनों का जो लय(ट्रेंड) दिख रहा है उसके हिसाब से कुछ तथ्य और आंकड़े आप देखें समझें।
1.गत 5 दिनों से भारत में रिकवर करने वाले(ठीक होने वाले)मरीजों की संख्या, नए आने वाले मरीजों से काफ़ी अधिक चल रही है।
2.भारत का रिकवरी रेट 81.25% आ गया है जो दुनिया में सर्वाधिक है।यह 4 मई को 27.52%, 13जुलाई को 63% व आज 23 सितंबर को 81.25% हो गया है।एक्टिव मरीज केवल 17.25%रह गए हैं।
3.भारत के एक्टिव मरीज 18 सितंबर(5दिन पहले)10 लाख 13 हजार थे जो आज कम होकर, 9,68,000 रह गए हैं।
4.भारत में मृत्यु दर, जो जून मास में को 2.2% थी,वह आज 23 सितंबर को 1.59% रह गई है।
5.अमेरिका में कुल 68लाख मरीज हुए, उनमें से 44लाख ठीक हुए हैं।जबकि भारत में, 56लाख में से ही लगभग 46लाख ठीक हो गए हैं।
भारत में अब प्रतिदिन लगभग 12 लाख टेस्ट हो रहे हैं। और पॉजिटिविटी रेट भी कम हुआ है।
सबसे बड़ी बात लोगों में अब डर का कोई माहौल नहीं है और इसे एक नॉर्मल फ्लू बुखार की तरह ले रहे हैं। घर पर ही क्वारन्टीन करके ठीक भी हो रहे हैं।
अब यदि कोरोना बीमारी समाप्ति की तरफ देश जाएगा तो काम धंधे इकोनामी तो तुरंत ठीक हो ही जाएगी। ….तो क्या ,अच्छे दिन आने वाले हैं?
रविंद्र नाथ टैगोर की एक उक्ति विश्वास दिलाने के लिए लिख रहा हूं। “प्रत्येक पैदा होता बच्चा, परमात्मा का यह संदेश लेकर आता है की मानवता में उसका विश्वास अभी भी बना हुआ है।”… शुभ ही होगा! चलो राष्ट्र कार्य करते रहें।

~सतीश कुमार