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गत हिमाचल प्रवास में पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में बोलते हुए

परसों मै और कश्मीरी लाल जी अंबाला शहर से छावनी स्टेशन की और जा रहे थे।
अपने एक कार्यकर्ता उज्जवल जी जो आयुष्मान योजना में कुरुक्षेत्र जिले के कोआर्डिनेटर हैं,हमें ले जा रहे थे।
कश्मीरी लाल जी ने उज्जवल से पूछा “सुनाओ भाई! इस आयुष्मान योजना का कुरुक्षेत्र जिले में कैसा चल रहा है?
क्या वास्तव में गरीबों को मुफ्त में इलाज मिल रहा है?
“कोई उदाहरण हो तो बताओ?”
“हां! गत माह सुल्तानपुर गांव की एक लड़की करिश्मा छत से गिर गई। सिर में बड़ी चोट लगी। वे उसे आदेश मेडिकल कॉलेज में ले आए,क्योंकि सिविल अस्पताल में उसका इलाज संभव नहीं था। 14 दिन आदेश हस्पताल में रही। वैसे कोई रूपये1.5 लाख का खर्च था पर उस गरीब किसान का एक पैसा नहीं लगा।
”वह परिवार ही नहीं,सारा गांव हैरान व प्रसन्न हैं।क्योंकि उन्हें पहले इस आयुष्मान योजना का पता ही नहीं था।”

उज्जवल बोलता गया “जैसे- जैसे लोगों को इस योजना का,जिसमें 5 लाख रूपये तक का ईलाज,वर्ष भर फ्री है,पता लग रहा है,लोग राहत महसूस करते हैं और जिस गरीब परिवार ने,पहले कभी ब्याज पर पैसा लेकर ईलाज करवाया हो और अब मुफ्त में हुआ हो,वह तो मोदी के गुण गाएगा ही।”
“कितने हस्पताल,इस योजना में हैं? कितनों को अभी तक लाभ मिला होगा?”कश्मीरी लाल जी ने पूछा
उज्जवल ने कहा “हां! कुरुक्षेत्र जिले में कोई 70000 लोगों ने गत 8 महीने में ही इस योजना से पूरी तरह मुफ्त में इलाज कराया है?”
“कुरुक्षेत्र जिले में 23,हस्पताल जिसमें 16 प्राईवेट हैं,इससे जुड़े हैं।और भी इस योजना से जुड़ रहे हैं।”
हम हैरान थे कि एक ही जिले में इतनी बड़ी संख्या? देश में तो685 जिले है, 10 करोड़ परिवारो के 50 करोड़ सदस्य कवर हो रहे हैं,तो वे लोग तो इस सरकार को अपना मानेंगें ही।
कश्मीरी लाल जी ने दूसरा सवाल पूछा “यह सरकारी योजना है,करप्शन भी होगी?”
उज्जवल जी बोले “नहीं।इस योजना में सबकुछ(रेट, प्रक्रिया आदि) ऐसे फिक्स किया गया है कि भ्रष्टाचार के लिए कोई गुंजाएश ही नहीं है!”

खैर।स्टेशन भी आ गया था। किन्तु हमें भारत की इस ऐतिहासिक, विराट योजना की जमीनी सचाई का भी पता चला।
हम सोच रहे थे ऐसी ही उज्जवला योजना है, जिसमें करोडो गरीब महिलाओं को फ्रि सिलैन्डर मिला है।काम तो बोलता ही है।