ताऊ कश्मीरीलाल जी मेरे विभाग प्रचारक(RSS) थे,जब मैं कक्षा 9 का विद्यार्थी था! उनके सान्निध्य में संघकार्यपद्धति सीखते हुए,मुख्यशिक्षक,सायं कार्यवाह,प्रचारक फिर जिला व विभाग प्रचारक बना! उनका स्वास्थ्य जानने आज रोहतक पहुँचा तो वहाँ हरियाणा के प्रचार प्रमुख सुनील जी भी मिल गएे जो अम्बाला में 10वीं पढ़ते हुए तब स्वयंसेवक बने,जब मैं वहाँ विभाग प्रचारक था..सुनील गत 16वर्षों से प्रचारक है। मैं भावविभोर हुआ…फिर चौथी पीढ़ी के प्रचारक भी तो आ गए हैं…संघ सरिता बह रही है…
हम धन्य है इस जगजननी की,
सेवा का अवसर है पाया
इसकी माटी वायुजल से
निर्मल जीवन है विकसाया
है पुष्प इसी के चरणों में..2
माँ प्राणों से भी प्यारी है!
मन मस्त फ़क़ीरी धारी है…2,अब एक ही धुन जय जय भारत..