जम्मू मे अपनी बड़ी भाभी और भतीजीओं के साथ तथा पठानकोट के परिवार मिलन के कार्यक्रम में माननीय कश्मीरी लाल जी व प्रांत संयोजक चंद्रशेखर जी!
2 दिन पूर्व मै जम्मू गया! मेरे माताजी वहां पर भाई-भाभी,बच्चों के साथ रहते हैं! वे पिछले दिनों अस्वस्थ चल रही थीं! तो उनका हालचाल पूछने के लिए जम्मू गया! यह ठीक है कि हमारी भाभी जी बहुत ध्यान रखती हैं मां का! किंतु साथ ही मैंने देखा कि मेरी दोनों भतीजियां अपनी दादी का इस तरीके से ध्यान रखती हैं की अस्वस्थता के बावजूद मां वहां पर पूरी तरह खुश हैं व कहीं और जाने की इच्छुक नहीं थी!
मैं विचार कर रहा था कि यह जो हमारी परिवार व्यवस्था है,यह सारी दुनिया में सर्वोत्तम है!इसके कारण से ना केवल वृद्ध बहुत शांति व सुख से अपना वृद्धावस्था जीते हैं,बल्कि पोते पोती यानी बच्चों की भी संस्कार व सुरक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी होती है!
प्रसिद्ध स्वदेशी विचारक गुरुमूर्ति ने तो हमारी परिवार व्यवस्था कैसे हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है,इसके ऊपर ना केवल बहुत शोधन किया है!बल्कि वह यहां वहां सब जगह इसके ऊपर बहुत विषय भी रखते हैं!
इसलिए स्वदेशी ने इस बार के अपने तीन विषयों में परिवार को भी एक विषय मानकर इस पर कार्यक्रम लिए हैं!
गत दिनों पठानकोट,दातारपुर के अंदर कश्मीरी लाल जी के प्रवास के समय बहुत अच्छे स्तर के परिवार सम्मेलन हुए! जिसमें इस विषय की विस्तार से चर्चा भी हुई!
हम भी सोचें! कई बार अपनी व्यस्तताओं के चलते हम परिवार की तरफ कुछ उपेक्षा कर बैठते हैं!जबकि उसे सर्वोच्च स्थान देना चाहिए!क्योंकि हमारी सब प्रकार की सुख सुविधा,सुरक्षा व अर्थव्यवस्था का केंद्र हमारा परिवार ही तो है!