वित वर्ष 2018-19 में पिछले वर्ष के मुकाबले मोबाइल फोन्स का एक्सपोर्ट (निर्यात) 800 गुना बढ़कर 11,200 करोड़ तक पहुंच गया। और ऐसा पहली बार हुआ है कि इंपोर्ट्स (आयात) से ज्यादा एक्सपोर्ट (निर्यात) हुए हो।
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 में कुल 29 करोड़ यूनिट मोबाइल भारत में बने, जिनका वैल्यूएशन 1.81 लाख करोड़ रुपए है।
जबकि यह प्रोडक्शन 2014-15 में केवल 5.4 करोड़ यूनिट थी, और इसका वैल्यूएशन केवल 18,900 करोड़ था।

मोदी सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ मुहिम के तहत 2020 तक भारत में मोबाइल फोन्स के ‘ज़ीरो इंपोर्ट्स’ का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा 2025 तक भारत में 100 करोड़ यूनिट मोबाइल फोन्स बने, यह लक्ष्य भी सरकार ने रखा है। जिस मे से 60 करोड़ यूनिट मोबाइल फोन्स का निर्यात किया जाएगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि यह भी है कि 2014-15 में हम भारतीय बाजार की मांग के हिसाब से लगभग 80 प्रतिशत मोबाइल फोन्स का आयात करते थे, जो कि 2018-19 में केवल 6 प्रतिशत रह गया।

हालांकि यह अलग बात है कि आज मोबाइल फोन्स कि मार्केट में कोई बड़ा भारतीय ब्रांड नहीं है, लेकिन फिर भी भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग से हमारे देश में तकनीक और इनोवेशन का विकास तो हो ही रहा है।
और इसी तकनीक को आधार बनाकर, आने वाले समय में कोई बड़ा भारतीय प्लेयर भी बाजार में उतरेगा, यही शुभकामना है।
और मोबाइल फोन्स का आयात घटने से देश का काफी पैसा भी बाहर जाने से बच रहा है, यह भी अच्छी बात है।

~स्वदेशी एजुकेटर की कलम से।