स्वामी विज्ञानानन्दजी,सहप्रांत कार्यवाह दयानन्दजी, प्रदीप जी दीप जला तीसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरूआत करते हुए!!
आज दिल्ली के द्वारिका में स्वदेशी मेले के तीसरे दिन कृषि क्षेत्र में start ups पर गोष्ठी थी! दिल्ली IIT के दो प्रोफेसर,कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति(VC) प्रो:अशोक सर्याल, भारतीय कृषि अनुसंधान केन्द्र पुसा दिल्ली के वैज्ञानिक वहां मार्गदर्शन हेतू आए!
कृषि क्षेत्र में काम कर रहे कई नये उद्यमीयों ने अपने अनुभव कथन भी सुनाए!
किसानों की आय दुगनी करने के 3 तरीकों पर प्राय: सहमति थी!
1.कृषि की लागत पदमश्री सुभाष पालेकर के सफल जीरो बजट नेचुरल खेती फार्मूले से 30%रह जाती है! महाराष्ट्र,आन्ध्र प्रदेश व हरियाणा के हजारों किसानों को इससे लाभ हुआ है!
2.किसान यदि फसल को सीधे न बेचकर मूल्य संवर्धन करके बेचते हैं…जैसे गेहूं की बजाए आटा दलिया या बिस्कुट बनाकर बेचने पर 50%तक अधिक कमाई होती है! पलवल के अजित तेवतिया,गुरदासपुर के चेतन वर्मा आदि ने यह सफलता पूर्वक किया है!
3.सहायक गतिविधियां जैसे पशुपालन,मधुमक्खी पालन मुर्गीपालन,आटा चक्की सब्जी,फूल उत्पादन जैसी नकद खेती से किसानों की आय बहुत तीव्र गति से बढती है!
वहां कइयों ने अपने सफल उदाहरण भी सुनाए! अगर सब किसान मिलकर ऐसे उपायों से अपनी आय को दुगना ही नहीं तीगुना करने की ठान लें किसी को सरकारों पर समर्थन मूल्य पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं न ही कर्जमाफी हेतू हड़तालों की कोई आवशकता रहेगी! यही है स्वदेशी राह, स्वदेशी सोच…
प्रो:सर्याल ने बताया कि गत ३ वर्षों में ही हम दाल उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गए हैं जिससे देश का आयात पर होने वाला लगभग 8000करोड़ ₹ बच गया है! भव्य मेले में प्रांत प्रचारक, सहप्रांत प्रचारक के अलावा भाजपा के संगठन मंत्री सिद्धार्थन जी व सांसद प्रवेश वर्मा परिवार सहित आज आए