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नोएडा में दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कश्मीरी लाल जी व मध्यभारत में कार्यकर्ता
लेकिन क्या आप दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के बारे में जानते हैं? कुछ प्रमुख जानकारियां!!
*1920 में, जन्मे, दतोपंत ठेंगड़ी 1942 में वर्धा व नागपुर से स्नातक व कानून की पढाई कर संघ के प्रचारक निकले। केरल और बंगाल में प्रचारक रहे।
*1954 में उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की। आज मजदूर संघ सबसे बड़ा संगठन है मजदूरों का नारा लगाने वाले कम्युनिस्ट आपस में ही लडे बैठे हैं।
*भारत के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए 1979 में उन्होंने भारतीय किसान संघ की स्थापना की।
* देश की आर्थिक समृद्धि और उसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के चंगुल से बचाने के लिए 1991 में उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना की।
*दत्तोपंत ठेंगड़ी 1964 से 1976 के बीच दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे।उन्हें पदम श्री दिया गया जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
*दत्तोपंत ठेंगड़ी जीवन भर इस देश के मजदूरों, किसानों वंचित वर्गों, गरीबों, बेरोजगार युवाओं की लड़ाई लड़ते रहे।
*यह अनथक योद्धा भारत के ही नहीं दुनिया के आर्थिक विद्वानों में भी आगे माने जाते हैं। उन्होंने पूंजीवाद और साम्यवाद के विकल्प के रूप में ‘तीसरा विकल्प’ (स्वदेशी मार्ग) प्रस्तुत किया।
*उन्होंने 35 देशों की यात्राएं की 38 पुस्तकें लिखी। देश दुनिया में उद्बोधन दिए।
*उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं को देश व समाज की सेवा करने के लिए तैयार कर संघ परिवार के अनेक संगठन खड़े किए।
*उनकी जन्म शताब्दी के समापन कार्यक्रमों की विधिवत शुरुआत, कल विजयदशमी के दिन नोएडा से हो गई है। देशभर में हजारों स्थानों पर लाखों लोग ‘ठेंगड़ी-संदेश'( स्थानीय खरीदो, स्वरोजगारी बनो, जैविक कृषि अपनाओ, विश्व व्यापार में अग्रणी भारत, व पर्यावरण,परिवार को संरक्षण) पर चर्चा करेंगे।~सतीश कुमार