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इन दिनों में स्वदेशी के राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ अश्विनी महाजन, सेंटर फॉर इकोनामिक पॉलिसी रिसर्च के डॉक्टर सुभाष शर्मा व अनिलेश महाजन, स्किलिंग के आशीष भावे,अमेरिका के वाशिंगटन में हैं।
उन्होंने पिछले 2 दिनों में विश्व बैंक के भारत सेंटर में वहां के अधिकारियों और वहां की एक सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट के अधिकारियों के साथ बैठक की।यद्यपि वे व्यक्तिगत योजना से गए हैं,तो भी उपयोग तो यहां पर (भारत में) होगा ही।

कैसे भारत में कौशल विकास को बढ़ाया जा सकता है ? कैसे भारत की युवा शक्ति को रोजगार में मोड़ा जा सकता है? कैसे भारत को पांच ट्रिलियन $ की इकॉनमी बनाया जा सकता है? चुनौतियां क्या हैं?उनका (अमेरिकियों का) दृष्टिकोण क्या है? उनकी सोच और उस सोच के पीछे की सोच क्या है?इसका अनुभव व अध्ययन इन दिनों अपनी यह टीम कर रही है। बहुत अच्छा…अभिनंदन!
उनके अध्ययन,उनके अनुभव, उनकी विश्व बैंक व अमेरिकी प्रशासन के लोगों से चर्चा का लाभ निश्चित रूप से भारत में हम ले सकेंगे। जिससे स्वदेशी की रणनीति ठीक से बनाने में सहजता होगी। एक अच्छा काम इन दिनों स्वदेशी के कार्यकर्ता अमेरिका में कर रहे हैं…