मलेशिया से बहिन अनीता व बिहार की किसान चाची
कल 26 जनवरी था। सारे देश भर में कार्यक्रमों के साथ-साथ दुनिया भर में कार्यक्रम हो रहे थे।
मलेशिया में रहने वाली अपनी बहिन ने वहां से अपना एक फोटो भेजा,तो मुझे लगा कि आज की स्वदेशी चिट्ठी में इसी को लिखना चाहिए।
वह अपने ही कार्यकर्ता दिगंबर नासवा जी की पत्नी हैं।और केवल मलेशिया नहीं,सुदूर अमेरिका तक में गणतंत्र दिवस मनाये के बहुत अच्छे समाचार आये हैं।
वास्तव में गत कुछ वर्षों में दुनिया की परिस्थिति में भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है। उसी का परिणाम है कि कभी आसियान देशों के अध्यक्ष हमारे यहां मेहमान बन आए तो अमेरिका के राष्ट्रपति 2014 में।
विश्व में गूंजे हमारी भारती..जन-जन उतारे आरती.. धन्य देश महान, धन्य हिंदुस्तान…
…गीत साकार होता दिखता है।
इसी तरीके से इस वर्ष जो पदमश्री/विभूषण व अन्य पुरस्कारों की घोषणा की गई, उनमें बिहार की किसान चाची के नाते प्रसिद्ध महिला को मिला पदमश्री बता रहा है कि निचले स्तर पर भारत मजबूत हो भी रहा है व उसकी आवाज दिल्ली सरकार में पहुंच भी रही है।
इस महिला ने परिश्रम पूर्वक अपने को खेती में ना केवल सफल किया बल्कि खाद्य उत्पादों की बिक्री कर अपना नाम भी कमाया व अनेकों को प्रेरणा भी दी। अमिताभ बच्चन ने स्वयं उसकी प्रशंसा की थी।