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अभी 5 दिन पहले की बात है। TSRTC (तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) के 48 वर्षीय बस चालाक ने इंसानियत और प्रेजेंस ऑफ़ माइंड की नई मिसाल दी हैं. दरअसल O. Yadaiah नाम का बस ड्राईवर 20 अक्टूबर को दोपहर के दिन यात्रियों से भरी बस चला रहा था. तभी दो पहर दो बजकर तीस मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ गया. हद से ज्यादा दर्द होने के बावजूद उसने अपनी ड्यूटी पूरी करने का निर्णय लिया और यात्रियों से भरी बस को सुरक्षित महात्मा गांधी बस स्टेशन पर पार्क कर दिया. ऐसा करने के बाद वो वहीं बेहोश हो गया.

वहां मौजूद लोग ड्राईवर को ओस्मानिया जनरल हॉस्पिटल भी ले गए लेकिन अफ़सोस की डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके. जानकारी के अनुसार कुछ बस ड्राइवर्स की हड़ताल चल रही थी. ऐसे में Yadaiah को उनकी जगह कुछ दिनों के लिए रखा गया था. ये उसकी तीसरी ट्रिप थी लेकिन वो नहीं जानता थी कि ये उसकी आखरी ट्रिप भी होगी.

उस बस में मौजूद कंडक्टर जी. संतोष का कहना हैं “ये ड्राईवर की प्रेजेंस इफ माइंड थी जो इतने सारे लोगो की जान बच गई. उनकी सतर्कता से सिर्फ बस में मौजूद लोग ही नहीं बल्कि बस स्टेशन पर बस का इंतज़ार कर रहे लोग भी सुरक्षित हैं. हम उसे दर्द से चीखते हुए सुन सकते थे, लेकिन फिर भी उसने बस नहीं रोकी और उसे सुरक्षित तरीके से पर किया.”

हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि इस दुःख की घड़ी में भगवान उसकी बीवी सरिता और 18 वर्षीय बेटे वेंकटेश को शक्ति दे.