कल से IAS की सेकंड टॉपर सोनीपत की अनु कुमारी का नाम सारे मीडिया में छाया हुआ है!
अनु कुमारी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में दूसरा स्थान पाया है यह बड़ी बात नहीं है,बड़ी बात है कि वह 4 साल के बच्चे की मां व अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए इस परीक्षा में दूसरे स्थान पर सफल हुई है!
अनु कुमारी से जब पूछा गया “यह कैसे संभव हुआ है?” तो उसने बताया “प्रतिदिन 10~ 12 घंटे मै पढ़ाई के लिए देती थी!जिस स्थान पर मैं पढ़ाई कर रही थी,वहां पर रेगुलर अखबार भी नहीं आता था!पर मै घबराई नहीं,आजकल कंप्यूटर की सुविधा हर जगह है ही।ऑनलाइन चीजों को देखकर ही मैंने पढ़ाई की”
इस सारे का एक स्पष्ट अर्थ निकलता है कि एकाग्रता व इच्छाशक्ति ही किसी व्यक्ति की सफलता की प्राथमिक गारंटी होता है!हम सब इसको प्राप्त कर सकते हैं!
**दिल्ली में चल रहा मेरा चार दिवसीय प्रवास इस बात का संकेत है कि रोजगार व स्वदेशी पथ,इस विषय पर सब तरफ अच्छी जागृति फैल रही है!
आज एक बीटेक की तीसरे वर्ष की लड़की तान्या ने अपने सफल एप विकसित करने के अभियान के बारे में जब मुझे बताया तो मैं निश्चिंत हो गया कि हमारे युवा अब नए नए क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने को बेताब हैं!उसी दिशा में हमें आगे बढ़ना होगा…जय स्वदेशी