कश्मीरी लाल जी हरियाणा के प्रवास पर पलवल में!गत दिनों एक महाविद्यालय में मेरे द्वारा रोजगार पर उद्बोधन!
*तीन दिन पूर्व चीन सरकार के प्रमुख पत्र ग्लोबल टाइम्स में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है, की चीन के न्यायालयों को चीन की कंपनियो के बड़ी मात्रा में दिवालिये होने के केसों को जल्दी निपटाने की तयारी कर लेनी चाहिए!
गौर तलब है की अमेरिका और चीन में व्यापार युद्ध को आगे बढ़ाते हुए ट्रम्प सरकार ने चीन की 100 अरब डॉलर के घरेलू सामान के आयात पर 25%तक की आयात शुल्क व 200 अरब डॉलर के बाकि आयात पर 10%तक के शुल्क लगाने का निर्णय कर दिया है!
इससे चीन से निर्यात के अरबों डॉलर के आर्डर कैंसल हो रहे हैं!
चीन निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था है!आर्डर कैंसल होते ही सैंकड़ों कम्पनियो के बंद होने,दिवालिया होने की आशंका बन गयी है!
*उधर ग्लोबल टाइम्स से एक दूसरे लेख में चीनी अर्थशास्त्री लीं बोकागों ने कहा है की भारत भी देखा देखी सोलर पैनल्स के आयात पर 25% की चीन के खिलाफ anti-dumping शुल्क की तयारी कर चूका है!
इससे चीन की सोलर इंडस्ट्री पर मार पड़ेगी!
उलेखनीय है की भारत ने अपने सौर सेल बनाने के लिये चीन पर25% टैक्स के अलावा 8000 करोड़ रूपए लोकल इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने हेतु तय किये हैं!
इस व्यापार युद्ध में अमेरिका और चीन के आलावा यूरोप व् भारत भी उलझ गए हैं!पर जैसे 2008 की मंदी में भारत सबसे कम फंसा! इसी तरह क्योंकि हम तो मुख्यतः डोमेस्टिक इकोनॉमी हैं!अतः इस व्यापार युद्ध में न केवल हमें सबसे कम नुकसान होगा बल्कि अन्ततः विजय भी हमारी होगी!
योग्य नेतृत्व, घरेलू बड़ा बाज़ार व आंतरिक बचत व अन्य क्षमताओं के चलते हम ही विजयी होंगे! इसमें कोई शक नहीं!