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मन के हारे हार है मन के जीते जीत
परमात्म को पाइए, मन ही के परतीत।

कुछ दिन पूर्व में एक स्वदेशी कार्यकर्ता के घर पर गया। वे और उनकी पत्नी अस्वस्थ चल रहे थे। मैंने उनको कहा कि “आप चिंता से मुक्त होकर कुछ रचनात्मक व सैर इत्यादि के प्रयोग शुरू करो।”
वे बोले तो कुछ नहीं पर उनके हाव-भाव से लग रहा था कि वह कह रहे हो कि “यह सब तो कहने की बातें हैं कोई सकारात्मकता या हिम्मत से शारीरिक रूप से थोड़ी ठीक हो जाता है।”
तो मैंने उन्हें कहा “आपने मुनीबा मजारी जो पाकिस्तान की मोटिवेशनल वक्ता है, उसकी कहानी सुनी है?”
वह बोले “नहीं।”

तो मैंने उन्हें बताया “मुनीबा मजारी पाकिस्तान की एक 23 वर्षीय महिला एक तेज एक्सीडेंट में जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो गई। उसका पति भी उसे तलाक दे गया बहुत पढ़ी-लिखी भी नहीं थी। किंतु हिम्मत और जिंदगी में कुछ कर गुजरने की सोच के कारण से अस्पताल से घर आने के बाद उसने अंग्रेजी बोलना सीखा। अनेक प्रकार का साहित्य पढ़ा। धीरे-धीरे वह स्कूलों में जाकर बोलने लगी, यद्यपि वह व्हीलचेयर पर ही रहती है।”

मैं बोल रहा था, वह आश्चर्य से सुन रहे थे “आज वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोटिवेशनल स्पीकर के नाते से पहचान बना चुकी है। यूनाइटेड नेशन ने भी उसको सम्मानित किया है। आयरन लेडी ऑफ पाकिस्तान मुनीबा मजारी की यूट्यूब पर लाखों लोगों ने स्पीच देखी वा सुनी है। आप भी सुनिए।”
मेरी विस्तार से कहानी सुनने के बाद वह काफी सहज प्रसन्न महसूस कर रहे थे। और उन्होंने अपने आप को जल्दी ही स्वस्थ करने का विचार किया।

मैंने कहा प्रसिद्ध उक्ति “मन के हारे हार है…मन के जीते जीत… बड़ी कारगर है।”
~सतीश कुमार