सेल्फी विद ड्राईवर!!
आज मैं जब मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर उतरा तो मुझे लेने के लिए कार्यकर्ता की गाड़ी आई!उसका ड्राइवर विलास भागवत, मेरे से बात करने लगा।
कुछ दिनों पहले मैंने वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट पढ़ी थी जिसके अनुसार 2006 से 2016 के दशक में भारत में कोई 27 करोड लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए थे ।
उस पर मुझे विश्वास कम हो रहा था। मैंने सोचा आज इस ड्राइवर से ही पूछते हैं।तो मैंने उससे कहा “क्यों भाई!कब से गाड़ी चला रहे हो,तुम्हारी कमाई कितनी हो जाती है,पहले कितनी होती थी,मकान अपना है क्या?”
उसने उत्तर दिया “साहब, मैं रहने वाला तो नासिक का हूं।किंतु बचपन में ही मुंबई आ गया था। हम 7 बहिन भाई हैं। पर कोई 10वीं से ज्यादा पढ़े नहीं।क्योंकि पिताजी पढ़ा ही नहीं सकते थे। बाद में मैंने ड्राइवरी सीख ली और टैक्सी चलाने लगा।दिन रात मेहनत की मैने!”
मैंने पूछा “आजकल क्या स्थिति है?” तो उसने कहा “साहब,अब तो मैं बहुत ठीक-ठाक हूं!जिन्दगी में मैने कोई नशा पत्ता नहीं किया! ईमानदारी का कमाया!कृष्णजी की कृपा रही मेरे पर!”
“नवी मुंबई में मेरा अपना मकान है,दो बेटियां हैं,एक की शादी कर दी है। दो मेरी गाड़ियां ओला में लगी हुई हैं।उसके कारण से मुझे कोई ₹30000 महीने का बन जाता है।मकान का एक हिस्सा किराए पर दिया है,उससे भी ₹12000 मिल जाता है।और अपना भी मैं अब 7-8 हजार रुपे बीच-बीच में ड्राइविंग करके कमा लेता हूं।”
मैंने पूछा “25 वर्ष पहले क्या स्थिति थी?”
तब उसने कहा ” नहीं!25 वर्ष पूर्व तो हमारे को रोटी की भी दिक्कत थी!एक झोपड़ी नुमा मकान में सात बहन- भाई,मां-पिताजी हम रहते थे! और किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं थी!किंतु आज परिस्थिति बदली है!”
“मेरी लड़की कोटक महिंद्रा बैंक में मैनेजर है!उसकी शादी एक इंजीनियर लड़के से कर दी है!दूसरी लड़की सीए की तैयारी कर रही है! मैं भागवत कथा वा गीता में ज्यादा मन लगाता हूं!बहुत भागदौड़ करता नहीं! मेरा व पत्नी का स्वास्थ ठीक है!और यहां कोई दिक्कत नहीं है!”
मैंने उससे पूछा “क्या दूसरे ड्राइवरों की भी ऐसा होगा?” तो उसने कहा “सब का तो मुझे पता नहीं लेकिन मेरे यार दोस्त जो हैं,वह भी अब मेरी तरह ही ठीक-ठाक परिस्थिति में है!”
तो मुझे यह लगा कि वास्तव में और गरीबी रेखा से पिछले कुछ वर्षों में भारत तेजी से बाहर आने लगा है! और जो रिपोर्ट आ रही हैं वह काफी मात्रा में ठीक भी हैं! 
जागे मेरा देश महान
यह भारत यह हिंदुस्तान।
जागे मेरा देश महान