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 गुलबर्गा में सह प्रांत संयोजक पाटिल जी का बेटा प्रणाम करते हुए, पीछे उनकी पत्नी देख रही हैं

आज कश्मीरी लाल जी के साथ गुरुग्राम के एक कार्यकर्ता दीवान जी के यहां जाना हुआ। दोनों भाइयों के चार बच्चों के साथ जब गपशप हुई। तो मैंने उन्हें कहा “राम लक्ष्मण कितने भाई थे,उनके नाम क्रम से बताओ व उनकी पत्नियों के नाम भी बताओ? कुछ आगे पीछे हुआ, राम भरत लक्ष्मण और शत्रुघ्न यह तो उन्होंने ठीक बताया पर पत्नियों के नाम ठीक से नहीं बता पाए…!

फिर मैंने बताया “दो शब्दों से राम और उनकी पत्नी सीता, तीन से भरत व पत्नी मांडवी, चाार से लक्ष्मण व पत्नी उर्मिला और पांच से शत्रुघ्न व पत्नी श्रुत्कीर्ति। बच्चों को यह क्रम बहुत अच्छा लगा। फिर मैंने उन्हें कहा की हनुमान चालीसा याद है? तो मुझे सुखद आश्चर्य हुआ जब चारों बच्चों ने एक साथ पूरा हनुमान चालीसा गाकर सुनाया।
यहां यह ध्यान रखने लायक बात है, कि दीवान जी अपने पुराने स्वयंसेवक हैं घर में, अच्छा वातावरण है इसलिए।

अन्यथा पिछले महीने जब अमिताभ बच्चन ने मशहूर सिने तारिका सोनाक्षी सिन्हा, जिसके पिता शत्रुघ्न सिन्हा हैं, व भाइयों का नाम लवकुश है, से पूछा “हनुमान जी संजीवनी बूटी किसके लिए लाए थे?” तो वह उत्तर नहीं दे पाई। क्योंकि उसे बचपन में घर से संस्कार मिले ही नहीं। जो इतना सामान्य सा प्रश्न का उत्तर भी नहीं दे पाई।

इसी तरह जब गत माह मैं कर्नाटक के गुलबर्गा गया तो वहां के परिवारों में मैंने देखा, बच्चे प्रणाम पूरी तरह से सिर नीचे लगाकर करते हैं। जलपान भी बच्चों ने ही कराया।
हम अपने बच्चों के संस्कार,उनकी वेशभूषा इत्यादि के बारे में सजग रहते हैं क्या? रहना चाहिए!