सड़क के दोनों तरफ केरल की बहने, माताएं हाथ में अयप्पा ज्योति लिए हुए
12 लाख लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला,रचा इतिहास।
केरल के शबरीमाला में अय्यप्पा मंदिर पर हिंदू समाज का संघर्ष जारी है।
गत 26 तारीख को अय्यप्पा के भक्तों ने कासरगोड से लेकर कन्याकुमारी तक कोई 300 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई।
केरल की कम्युनिस्ट सरकार ने जब यह घोषणा की, कि वह कासरगोड यानी केरल के एक सिरे से दूसरे सिरे त्रिवेंद्रम तक 8 लाख लोगों की श्रृंखला बनाकर सबरीमाला मंदिर की आस्था के विरुद्ध समर्थन जुटाएंगे तो अय्यप्पा के भक्तों ने उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया।
और वहां की महिलाओं ने अय्यप्पा ज्योति करके सांय 6:00 बजे उससे भी डेढ़ गुना लंबी ज्योति श्रृंखला(12लाख महिला, पुरुष)बना दी।
और सिद्ध किया कि हिंदू समाज उस केरल में,जहां पर कम्युनिस्टों की धर्म विरोधी सरकार है, वहां सरकार से भी बढ़कर अपना समर्थन जुटा सकते हैं।सब तरफ जय जयकार हुई। अब सरकार को कुछ सूझ नहीं रहा।
इस संघर्ष में शबरीमाला में आस्था रखने वाले हिंदू समाज की विजय होना अंततः निश्चित है। पर अभी तो संघर्ष जारी है।देखना है, आगे होता है क्या?