देहरादून स्वदेशी मेले में उमड़ी भीड़!
कल मैं स्वदेशी मेले के सिलसिले में देहरादून में था!मेले के अध्यक्ष गुरदेव सिंह जी से चर्चा में मैंने पूछा “आप एक college चला रहे हैं फिर यह गौशाला का विचार कैसे आया?” तो उन्होंने बताया “4 साल पहले मैं व मेरी बेटी सैर करने जा रहे थे,कोई किसान गाए व सुंदर सी बछड़ी लेकर जा रहा था!बेटी के कहने पर मैं बछड़ी और गाए ख़रीद लाया!धीरे धीरे करके अब मेरे पास 25 गाए व बछे हैं!मैं पचास रुपया किलो दूध बेचता हूँ,पाँचसौ रुपये किलो पनीर बेचता हूँ और एक हज़ार रुपया किलो देशी घी बेचता हूँ! मैंने आश्चर्य से पूछा “इसका कारण क्या है?” तो उन्होंने कहा “शुद्ध देसी गाय,सौ प्रतिशत शुद्धता की गारंटी व थोड़ी marketing!इस विश्वास से यह हो पाता है” मैंने पूछा “आपकी आगे की योजना क्या है?”तो उन्होंने कहा “अमूल की तरह, सोचता हूँ,नज़दीक के गांवों में गाय रख दी जाए और वहाँ से दूध देहरादून तक ले आऊँ और पंचगव्य आधारित एक नया business मॉडल खड़ा करूं!” मुझे बहुत सुखद आश्चर्य भी हुआ और मैंने उनको इसे आगे बढ़ाने के कुछ सुझाव भी दिए! पंचगव्य व योग भविष्य में रोजगार व आर्थिक समृद्धि के नये स्त्रोत होंगे…
वहीं बाद में वरिष्ठ नागरिकों के साथ चर्चा करते हुए आया कि श्मशानघाट में लकड़ी की बजाए गोबर के उपलों का प्रयोग करने से पर्यावरण भी ठीक होगा व किसानों को पशुओं के रखने का फ़ायदा भी मिलेगा!
दो बधाइयाँ भी! अपने इसरो का नया satellite GSAT-6यह सफल हो गया है दूसरे चंद्रमा mission की तैयारी इससे हो गई है!
दूसरा अपनी दिल्ली की airport को दुनिया की सर्वोत्तम Airport घोषित किया गया है!यानी अब Aviation में भी हम दुनिया में सबसे आगे हो गए हैं!~सतीश
मेरा देश चल रहा है और आगे बढ़ा रहा है….जय हो!