कल मैं जोधपुर गया था!राजस्थान में आजकल चुनाव चल रहा है,तो मेरे मन में था कि वहां सामान्य लोगो के मन में क्या चल रहा है यह जाना जाए!
गाड़ी के डिब्बे में ही साथ वाली सीटों पर बैठे चार लड़के आपस में बातें कर रहे थे “अरे यार! मोदी के पास तो अमित शाह है जो कि बड़ा मास्टर है पर कांग्रेस के पास मोदी-अमित शाह तो क्या इनके बराबर का एक भी नाम नहीं है!
फिर मैं जब स्टेशन उतरा तो मैंने 2-3 चाय वालों से पूछा! उनका भी कहना था की लड़ाई कांटे की है!फिर बाहर निकला तो दो किसान बंधु जा रहे थे मैंने उन्हें रोककर पूछा कि गांव में क्या माहौल है?तो दोनों बोले “मोदी ही जीतेगा!”
वास्तव में भाजपा वहां पर वसुंधरा का नाम पीछे व मोदी का नाम आगे करने में सफल हो रही है!इससे लोगों का कहना था की जो लड़ाई पहले एक तरफा कांग्रेस जीत रही थी,अब कांटे की टक्कर हो गई है! बाद में कार्यकर्ताओं से पूछने पर उन्होंने भी यही स्थिति बताई! सबका कहना था “केंद्रीय नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक रखी है!”
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की प्रसिद्ध पुस्तक ‘The Last Sunset’ में एक प्रसंग है!जब हरी सिंह नलवा अफगान की एक लड़ाई पर था! सामने पहाड़ी से फायरिंग हो रही थी!हरि सिंह हाथियों के दल के साथ उस पहाड़ी को कब्जा करने की कोशिश में था!
महावत ने आगे बढ़ने से इंकार कर दिया तो हरि सिंह जी बोले “सामने कब्जा और फतेह या मौत! अब एक ही बात होगी!” फिर भी महावत नहीं माना तो हरि सिंह ने महावत को ही गोली से उड़ा दिया और स्वयं हाथी को अंकुश मारकर पहाड़ी पर चढ़ा दिया और अंततः विजई हुए!
याने विजय होने के लिए आवश्यक है योग्य नेतृत्व व कार्यकर्ताओं की विजय मिलने तक लड़ मरने की इच्छा शक्ति!