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चित्र में प्रांत संघचालक पवनजी,कश्मीरी लाल जी (बोलते हुए) अन्य अधिकारीगण, श्रोता विधायक व अन्य कार्यकर्ता

आज पंचकूला में रोजगार पर एक विशेष बैठक का आयोजन था। जब मैं बैठक में पहुंचा तो रोजगार मंत्री नायबसिंहजी व विधायक घनश्यामजी,प्रो:सोमनाथ सचदेव जी,जो इस बैठक का आयोजन कर रहे थे,थोड़े चिंतित से बोले “सतीश जी!हमने सूचना तो बहुतों को दी है,पर आएंगे कितने कह नहीं सकते?

किंतु थोड़े ही देर में 16 विधायकों व HSSC,HPSC के अधिकारियों, कुछ प्रोफेसरों, सीए, संघ, स्वदेशी जागरण मंच के अधिकारियों सहित कुल 42 कार्यकर्ता आ गए। गहन चिंतन मंथन शुरू हुआ। विधानसभा अध्यक्ष कवंरपाल सिंह जी बोले “पहले हम कैसे रोजगार निकालते थे?” हर कस्बे और गांव में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग चलते थे। जिससे अधिकांश रोजगार आता था।अभी विदेशी कंपनियों के चलते वे कुटीर उद्योग बंद हुए हैं,हमें स्वदेशी प्रयोग करना चाहिए।
हमारा 34% रोजगार लघु व कुटीर उद्योगों से और 42% रोजगार कृषि क्षेत्र से आता है।

फिर चर्चा चली कि हम अपने अपने विधानसभा क्षेत्र को पूर्ण रोजगार युक्त कैसे कर सकते हैं? क्योंकि नौकरियां तो सीमित ही है अतः हमें ‘Don’t be job seeker be job provider’ का विचार दे,युवकों को उद्यमिता की तरफ जाने को प्रेरित करना चाहिए।
भारती जी वा घनश्याम जी ने आंकड़े देकर बताया कि इस सरकार में कोई तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार दिया गया है।

कश्मीरी लाल जी ने इसका समापन करते हुए कहा “हमें समाज को, शिक्षण,धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को भी रोजगार निर्माण की प्रक्रिया में शामिल कर इसे एक जन जागरण का आंदोलन बनाना होगा। तभी पूर्ण रोजगार युक्त होने का हमारा सपना साकार हो सकता है।”
सभी विधायक व अन्य लोग बहुत ही संतुष्ट होकर और एक नया संकल्प लेकर इस गोष्ठी से निकले।