अंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सरसंघ चालक जी,ज्ञानानंद जी व डॉ नरेश त्रेहान!
इसी स्थान पर 10 नवंबर को दतोपंत ठेंगड़ी व्याख्यान माला होगी! जिसमें सरसंघचालक स्वयं मार्गदर्शन करेंगे
आज ही यूनाइटेड नेशन की Multidimensional Poverty Index(MPI)रिपोर्ट आई है!जिसके अनुसार 2006 से 2016 के दशक में,10 वर्षों में,ही भारत के 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ गए हैं!
भारत की जो गरीबी रेखा 55% थी वह अब घटकर 28% रह गई है!इतना ही नहीं गत 4 वर्षों में घरों में बिजली के मामले में 14% की प्रगति हुई है अब 89% घरों में बिजली है!साफ पानी का नल अब 65% घरों तक पहुंच रहा है! गत चार वर्षों में ही 26% की बढोतरी है!
यही बात रसोई गैस के मामले में भी है! भारत में 2001 में केवल 3.5 करोड़ कनैक्शन थे जो अब 19.8करोड़ हो गए हैं!
शौचालय के मामले में भी ऐसा ही है!2011 में केवल चार राज्यों में 80% घर शौचालय युक्त थे तो अब 2018 में 15 राज्य हैं!
यह रिपोर्ट देख कर जो कि टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी है,भारत की आंतरिक ताकत,देश की युवा शक्ति के प्रयत्न पर भरोसा बड़ गया है।
सब प्रकार की कठिनाइयों के बावजूद भारत दुनिया में तेजी से अपना स्थान आता जा रहा है। जिन्होंने भी इसके लिए प्रयत्न किया चाहे वे सामाजिक संगठन हों, सरकारें हो या समाज की युवा शक्ति, वे सब बधाई के पात्र हैं!
मेरा देश चल रहा है,
और आगे बड़ रहा है…
गीता का संदेश ही है,हमारा राष्ट्र कार्य!
कल दिल्ली में पूजनीय सरसंघचालक जी ने गीता पर जो उद्बोधन किया की गीता यह युवकों के लिए है केवल बुजुर्गों के लिए नहीं व राष्ट्र कर्म करना इसकी प्रेरणा यह गीता देती है केवल कर्मकांड का ग्रंथ नहीं है!
गीता पर इस सुंदर आयोजन का श्रेय स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज को है,जो कि लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं।एक अच्छा प्रेरणादाई व ज्ञानवर्धक कार्यक्रम कल दिल्ली में संपन्न हुआ।