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इस समय दिल्ली में कश्मीरी लाल जी का प्रवास चल रहा है। कल वे रोहिणी में थे। संयोग से दिल्ली के अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी जी का उधर दौरा था। उन्हें पता चला तो वह मिलने के लिए,विभाग संयोजक सत्यवान जी के घर ही आ गए।

कल मैं भारतीय किसान संघ के कार्यालय से एक होटल के लिए आटो लिया। वहां डिजिटल इकोनामी पर एक गोष्ठी होने वाली थी।
अपने ऑटो वाले से मैंने पूछा “क्या नाम है भाई? कहां के रहने वाले हो? परिवार में कौन-कौन है? कमाई कितनी है? तो उसने कहा “साहब! ₹300 प्रतिदिन के किराए पर ऑटो लिया है। ₹100-125 का सीएनजी लग जाता है। सब निकाल कर छह सात सौ रुपया बना ही लेता हूं।रहने वाला बिहार के अररिया का हूं मेरा नाम शौकत अली है।यहां पर हम पांच इकट्ठे रहते हैं कमरे का किराया ₹3500 है। जो आपस में बांट लेते हैं।”
मैंने पूछा “कितने बच्चे हैं?वह बोला बेटी तो 3 साल की होकर मर गई थी। अभी एक बेटा है वह 4 साल का प्यारा बेटा है मोहम्मद अली।लेकिन दिसंबर तक ही दूसरा बच्चा होने वाला है।”
मैंने कहा “कितने करने का विचार है?” तो वह चुप रहा मैंने कहा “देखो! तुम्हें अपने बच्चों को बड़ा बनाना चाहिए। उनके ऊपर खर्च करो,उनको अच्छे स्कूल में पढ़ाओ,उनको कंप्यूटर ले कर देना ताकि वे योग्य बनें, बजाय इसके कि चार पांच बच्चे पैदा कर लो और वे भीख मांगते फिरें।”
फिर मैंने पूछा “शराब वगैरा तो नहीं पीते?”
वह कहने लगा “झूठ नहीं बोलता साहब,आपसे! इतवार के दिन हम पांचों बीयर पीते हैं।हजार रुपए की लाते हैं।₹200 एक पर पड़ जाते हैं।”
मैंने कहा “दो बातें ध्यान करो! एक तो जब भी दोस्त तुम्हारे को बियर या शराब का आग्रह करें उसी समय अपने बच्चे मोहम्मद अली को याद करना और खुदा को याद करना तब फिर तुम्हारा मन ही नहीं करेगा। बहुत हुआ तो लिम्का-कोका कोला की बोतल मंगवा लिया करो।”
फिर मैंने पूछा जुम्मे के दिन नमाज अदा करने जाते हो? वह कहने लगा “नहीं!” मैंने कहा जरूर जाया करो।” उसने मेरी तरफ देखा शायद सोच में था कि कहीं मैं कोई मौलवी हूं। मैंने कहा “भाई! मैं तो हिंदू हूं किंतु तुम अगर नमाज पढ़ोगे तो नेक इंसान बनोगे। नेक इंसान बनोगे। तो बीवी बच्चों का ध्यान रखोगे। ग़लत आदतों से बचे रहोगे, घर में सुख शांति रहेगी।” वह बोला “बाबू जी!आपकी बात मुझे बहुत लग गई है मैं जरूर कोशिश करूंगा।”
तभी होटल आ गया मैंने पूछा “बिल?” तो कहने लगा वैसे तो ₹60 ही आया है।पर आप रहने दो।”
मैंने रू70 दिए।तो उसने पूछा “यह क्या?”
मैंने कहा ₹10 बेटे मोहम्मद अली के लिए। उसे कहना ताया जी मिले थे।”
उसने मेरे पैर छुए और कहा “एक सेल्फी ले लूं?” मैंने क्यों रोकना था।