Image may contain: 3 people

Image may contain: 29 people

Image may contain: 1 person, smiling

गत 3 दिनों से झारखंड में कश्मीरी लाल जी के प्रवास में बोकारो के एक कालेज में स्वदेशी-रोजगार पर बोलते हुए, ध्यान से सुनती हुई छात्राएं व IAS कोमल गनौत्रा

कल मेरे पास किसी ने व्हाट्सएप के माध्यम से गुजरात की 2012 की सफल आईएएस कोमल गनौत्रा की वीडियो भेजी तो सोचा कि अपने स्वदेशी के पाठकों को भी बताऊं।
गुजरात के एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी कोमल गनोत्रा। दो छोटे भाई,उनकी ये बड़ी बहन।इसके पिता अध्यापक हैं।
फिर इसकी शादी एक न्यूजीलैंड में रहने वाले व्यक्ति से हो गई। तब आयु थी 26 वर्ष।
किंतु दुर्भाग्य ऐसा कि 15 दिन में ही वह छोड़कर चला गया यह कहकर कि जल्दी आऊंगा किंतु उसका कहीं पर भी अता पता ही नहीं चला।
आगे जीवन में अंधकार दिखने लगा किंतु कोमल ने हिम्मत नहीं हारी और जिंदगी में कुछ कर गुजरने का सोचा।बचपन में जो पिता की इच्छा थी,इसने सोचा कि शायद अब पूरी करनी होगी और आईएएस की परीक्षा देने का निर्णय किया।
किंतु ना तो इसके पास वहां इंटरनेट की सुविधा थी ना ही कोई अंग्रेजी के अखबार यहां तक कि स्मार्टफोन भी नहीं था।
शनिवार इतवार को अहमदाबाद के एक कोचिंग सेंटर से इसने कोचिंग प्रारंभ की। शुक्रवार की रात को सारी रात ट्रेन में बैठ कर ही इसको आना होता था और रविवार रात को ट्रेन में बैठे बैठे ही वापस अपने स्थान पर पहुंचकर अध्यापन कार्य में लगना होता था।
यहां तक कि दिल्ली में जब इंटरव्यू के लिए जाना था,सोमवार को,तब भी शनिवार को स्कूल में पढ़ा कर निकली।
किंतु लगन,मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति इसके भरोसे अंततः 2012 की सिविल सेवा परीक्षा उसने उत्तीर्ण की और आज वह गुजरात कैडर में बतौर अधिकारी कार्य कर रही है। अभिनंदन।