सन्देश, उसके पिताजी, पत्नी व् मै
मै आज तुमकुर(कर्नाटक) में मंड्या नगर के स्वदेशी संयोजक सन्देश कुमार से मिला तो मैने पूछा ये स्वदेशी स्टोर खोलने का विचार कैसे आया?तो वह बोला-“मैं तो एक यूएस की आईटी कंपनी में काम करता था ₹40000 महीने की सैलरी लेता था किंतु यह मुझे अच्छा नहीं लगता था कि हम अमेरिका वालों के नौकरी करते रहें! एक दिन अमेरिका के क्लाइंट ने मेरे से गलत भाषा में बात कि तो मैंने उसी दिन तय कर लिया और मैंने वह IT की नौकरी छोड़ दी! फिर मैंने अपने प्रचारक जगदीश जी की सलाह पर स्वदेशी स्टोर खोलने का निर्णय किया। 2 साल में ही अब मैंने इसमें इतनी अच्छी तरक्की कर ली है कि मैं और मेरी पत्नी मिल कर पहले जितना ही कमाने लग गए हैं।और हमें पूरा विश्वास है कि हम जल्दी काफ़ी आगे निकल जाएँगें!हमने 5 लड़कों को भी काम दिया है! बहुत अच्छा भी लगता है अब!!”
तुमकुर मैसूर ही नहीं पूरे कर्नाटक में स्वदेशी Store यह बहुत अच्छे ढंग से चलते हैं वैसे भी मैंने पाया है कि कर्नाटक में आयुर्वेद, योग व स्वदेशी के प्रति लोगों में लगाव उत्तर भारत की अपेक्षा कहीं ज्यादा है। स्वदेशी, योग अब लोगों के रोजगार का विषय बनता जा रहा है इसलिए स्वदेशी अब सामान्य जीवन में आ गया है…जय स्वदेशी जय भारत