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माननीय भगवती जी मेड बाय भारत विषय लेते हुए। साथ में कश्मीरी लाल जी व अन्य।

गत 3 दिन से चंडीगढ़ के सेवाधाम में स्वदेशी एजुकेटर वर्ग लगा हुआ है। जिसमें 20 केंद्रों के 22 युवा कार्यकर्ता जो स्वदेशी अभियान में समय लगाने के इच्छुक हैं,वे सघन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
असल में 3 वर्ष पूर्व कश्मीरी लाल जी ने मुझे इस आईडिये पर काम करने के लिए कहा। पहले दो बार तो हम सफल नहीं हुए, किंतु इस बार लगभग 4 महीने से उत्तर क्षेत्र के कार्यकर्ता इस योजना को सफल बनाने में जुटे थे। जिसमें नवयुवकों को नाममात्र के मानधन से ही,किंतु देशभक्ति व स्वदेशी-प्रेम के आधार पर स्कूल,कॉलेज और विश्वविद्यालयों में स्वदेशी के प्रसार प्रचार में लगना है।
मुझसे एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा “सतीशजी! 4 दिन का वर्ग बहुत अधिक है। युवा आएंगे ही नहीं। आ गये तो रुचि नहीं लेंगे।
तो मैंने कहा “आप अपनी शक्ति व युवाओं पर विश्वास रखिए! निश्चित रूप से आएंगे।”
और वही हुआ भी! वे न केवल स्वदेशी के विषयों का यहां गहन प्रशिक्षण ले रहे हैं, बल्कि वे संकल्पबद्ध भी हैं, कि सारे उत्तर क्षेत्र में स्वदेशी का अभियान नई बुलंदियों पर लेकर जाएंगे।
मैं आश्वस्त हूं कि आज के युवा की देशभक्ति व स्वदेशी भावना को यदि प्रेम पूर्वक जगाया जाए तो वे अद्भुत कार्य करने को आज भी वैसे ही तैयार हो जाते हैं,जैसे कभी भगतसिंह,सुखदेव,राजगुरु,चंद्रशेखर हुए थे।
ये उनके वंशज ही हैं,जो उसी देशभक्ति की भावना से अपने देश को गरीबी-मुक्त व रोजगार-युक्त करने का संकल्प लेकर मैदान में कूदने को तैयार हैं।