उत्तराखंड प्रांतीय समेल्लन व ABVP की विजयी अध्यक्षा आरती नागपाल व अन्य।

आज रुड़की के उत्तराखंड में स्वदेशी जागरण मंच का प्रांतीय कार्यकर्ता सम्मेलन था!वहां पर एक कार्यकर्ता ने खड़े होकर कैसे वो सस्ती दिवाली की लड़ीयां बना रहे हैं ,इसका उदाहरण प्रस्तुत किया!

जो चीनी लड़ी बाजार में ₹45 की मिल रही है वह लड़ी वहां के कार्यकर्ताओं ने ₹32 में ही बना दी है ।रुड़की-देहरादून में 50 से अधिक छोटी इकाइयों में इस बार दिवाली की लड़ीयां बड़ी मात्रा में बन रही हैं। इसके कारण से इस बार तो पूरी तरह

चाइनीज बहिष्कार स्वदेशी स्वीकार यह सार्थक व सिद्ध होने वाला है!

इस बार दीवाली पर स्वदेशी

लड़ीयों की कमी नहीं रहेगी ऐसा लगता है।

जानकारी रहे कि पहले अलीची बल्ब वाली लड़ियां उतर भारत में देहरादून में ही बनती थी,पर गत १०-१२ सालों में सस्ती चायनीज लड़ियों के चलते वहां की २०० लघु ईकाइयां बंद हो गई! पर गत दो वर्षों से स्वदेशी के प्रयत्नों से वे ईकाइयां फिर से उत्पादन करने लगी हैं! गत वर्ष भी काफी स्वदेशी लड़ियां आ गयी थीं पर रेट थोड़ा अधिक था पर इस बार तो रेट भी कम है! अत: इस बार तो दीवाली स्वदेशी ही स्वदेशी…जयजयकार!

प्रान्त संयोजक, देहरादून सुरेन्द्र जी मोबाईल 9458104444

दक्षिण के जेएनयू में लहराया भगवा!

कल एक बहुत ही अच्छा समाचार आया कि हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों के हुए चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चारों सीटों पर जीत हासिल करके क्लीन स्वीप किया है!

सामने एक तरफ थे एसएफआई के कम्युनिस्ट दल वा दूसरी तरफ से वेमुला और कांग्रेस के एनएसयूआई का गठबंधन!

यह एक आश्चर्यजनक बात है कि पहली बार विद्यार्थी परिषद ने वहां पर क्लीन स्वीप किया है!जो कि दर्शा रहा है कि दलित राजनीति करने वाले और कम्युनिस्ट यह मिलकर भी राष्ट्रवादी ताकतों को हरा नहीं सकते!

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी दक्षिण की JNU मानी जाती है जहाँ सदा कम्युनिस्टों का वर्चस्व रहा है।3 वर्ष पूर्व रोहित वेमुला कीआत्महत्या पर सारे देश में बवंडर मचा दिया था..कांग्रेस व् इन दलित वामपंथियो ने। और अब वहीँ राष्ट्रवादी ताकतों की पहली व पूरी जीत बता रही है की केवल सोशल मिडिया पर प्रचार कर सत्य को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।