सन फार्मा के दलीप सिंघवी,बंधन बैंक के चंद्रशेखर घोष,नीति आयोग के डा:राजीव कुमार,स्वदेशी जा:मंच के सुंदरम जी, डॉ देवी शेट्टी,स्वदेशी कार्यक्रम में। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी व अन्य का पोस्टर।
कल स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय बैठक थी। मैं सुन रहा था एक के बाद एक, क्षेत्र संयोजक वृत्त दे रहे थे। हमारे यहां इतने रोजगार सृजकों का सम्मान हुआ, हमारे यहां ऐसा हुआ, वैसा हुआ।
कोई प्रांत (35 प्रांत है) ऐसा नहीं था जिसमें कार्यक्रम न हुआ हो। सुदूर त्रिपुरा में भी अपने कार्यकर्ता परिश्रम पूर्वक ऐसा कार्यक्रम करने में सफल हुए, तो दिल्ली, मध्यप्रदेश में तो कार्यक्रमों की भरमार ही लगी थी। ऑफलाइन, ऑनलाइन जहां जैसा संभव बन पड़ा, कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रयास किए। कोरोना के कारण से जब घर से लोग निकलने को तैयार नहीं, ऐसे में स्वदेशी कार्यकर्ताओं द्वारा 325 से अधिक कार्यक्रम करना, 2150 रोजगार सृजकों को स्वदेशी के मंच पर लाना, वास्तव में हिम्मत की बात है। इन स्वदेशी कार्यकर्ताओं के दिल दिमाग में एक ही बात बैठी है कैसे हमारे देश के लोग प्रोत्साहित होकर अपनी अर्थव्यवस्था और रोजगार वृद्धि में जुट जाएं।
उनका वृत्त सुनकर मैं भाव विभोर हुआ। कैसे-कैसे लोगों को लेकर आए, देखिए! भारत के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति, सन फार्मा के मालिक दिलीप संघवी, जिन्होंने दो लाख लोगों को रोजगार दिया है। अमूल के सीएमडी आरपी सिंह, जिस अमूल ने 36 लाख किसानों की आय वृद्धि में सहायता की है। बंधन बैंक जिसने 2 करोड़ अति सामान्य लोगों को लघु ऋण दिए, जोहो के मालिक श्रीधर वैंबू, से लेकर इमामी के गोयनका जी तक सब स्तर के लोग आए।
और वक्ता भी एक से बढ़कर एक! प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल व प्रोफेसर नागराजन, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार, आईआईएम बैंगलोर के प्रो: वैद्यनाथन आए तो डॉ देवी शेट्टी भी आए। उधर संघ के सरकार्यवाह, 3-3 सहसरकार्यवाह आए तो हरियाणा के मुख्यमंत्री भी आए। अभी 18 तारीख को नितिन गडकरी जी भी आने वाले हैं। और एक कार्यक्रम 12 तारीख को नागालैंड मणिपुर के बंधुओं के बीच भी होने वाला है।
मैं सोच में था ऐसा अथक परिश्रम करने वाले स्वदेशी कार्यकर्ताओं को अभिनंदन!अभिनंदन! के अलावा क्या कहूँ?
~ सतीश कुमार